ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में नस्लीय टिप्पणियां आम, इसे रोका जाना चाहिये: गंभीर

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने मंगलवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में क्रिकेटरों पर नस्लवादी टिप्पणियां करने घटनाएं बहुत होती हैं और इसे रोका जाना चाहिए।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेला गया टेस्ट श्रृंखला का तीसरा मैच रोमांचक प्रतिस्पर्धा के साथ खिलाड़ियों पर की गयी नस्लीय टिप्पणियों के कारण सुर्खियों में रहा।

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह के खिलाफ मैच के तीसरे और चौथे दिन ऐसी टिप्पणियां की गयी। भारतीय टीम ने मैदानी अंपायर से इसकी शिकायत की जिसके बाद छह दर्शकों को स्टेडियम से बाहर कर दिया गया।

गंभीर ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ के कार्यक्रम ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ में कहा, ‘‘ यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह ऐसी चीज है जो किसी भी खेल में बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि किसी भी खेल में , और मेरा मानना है कि इसके खिलाफ सख्त कानून बनाने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ जब यह किसी खिलाड़ी के साथ होता है, तो केवल वही इसे महसूस करता है। आप दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया जैसी जगहों पर बॉक्सिंग डे टेस्ट जैसा अहम मुकाबला खेलते समय ऐसे अपशब्दों का सामना करते है।’’

सिराज की शिकायत के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने भारतीय खिलाडियों के साथ खड़े होकर उनका समर्थन किया।

गंभीर ने कहा, ‘‘ यह इस पर भी निर्भर करता है कि आपके खिलाफ कैसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। यह कहीं से भी स्वीकार्य नहीं है, खास कर आपके चमड़ी के रंग पर की गयी अपमानजनक टिप्पणियां।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे जगहों पर ऐसा काफी होता है। इसे रोके जाने की जरूरत है।’’

विवादों का सामना करने के बाद मैच के पांचवें दिन हार के मुहाने पर खड़ी भारतीय टीम इसे ड्रा करने में सफल रही। गंभीर ने इसका श्रेय ऋषभ पंत और चेतेश्वर पुजारा की 148 रन की शानदार साझेदारी को दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह अविश्वसनीय था। यह टीम के जज्बे को दिखाता है। ऋषभ पंत ने शानदार बल्लेबाजी की। जाहिर है, उन्होंने जिस तरह से बल्लेबाजी की थी उस समय वैसी ही जरूरत थी। उन्होंने अपने खेलने के तरीके का समर्थन किया ।’’

पंत महज तीन रन से शतक बनाने से चूक गये लेकिन गंभीर ने उनकी दिलेर पारी की तारीफ की।

उन्होंने कहा, ‘‘हां, लोग यह कह सकते है कि उस तरह की शॉट की जरूरत नहीं थी लेकिन उन्होंने खेलना जारी रखा और भारत को मैच में बनाये रखा। अगर वह कुछ और देर खेलते तो भारतीय टीम इस मैच को जीत भी सकती थी, जो उसकी सबसे ऐतिहासिक जीत होती। ’’

उन्होंने पुजारा की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘ आप उनकी स्ट्राइक रेट की बात करते है लेकिन क्रिकेट की दुनिया में ऐसे कम बल्लेबाज है जो समय और सत्र निकाल सके।’’

गंभीर ने कहा कि ऐसा ड्रा मैच ‘ऑस्ट्रेलिया में बड़ी जीत की तरह है।’

भाषा आनन्द मोना

मोना

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