Pushya Nakshtra 2025 Date Time:इस बार पुष्य नक्षत्र दो दिन, शुभ मुहूर्त में खरीदारी का सबसे अच्छा समय, कब से कब तक रहेगा

Pushya Nakshtra 2025 Date Time: इस बार पुष्य नक्षत्र दो दिन, खरीदारी का सबसे शुभ मुहूर्त, जानें कब से कब तक रहेगा pushya-nakshtra-2025-kab-hai-14-or-15-oct-date-time-astrology-hindi-news-pds

Pushya Nakshtra 2025 Date Time:इस बार पुष्य नक्षत्र दो दिन, शुभ मुहूर्त में खरीदारी का सबसे अच्छा समय, कब से कब तक रहेगा

Pushya Nakshtra 2025 Date Time: ज्योतिष में दिवाली और धनतेरस के पहले पुष्य नक्षत्र को खरीदारी का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। यदि आप भी इस बात को लेकर असमंजस्य में हैं कि पुष्य नक्षत्र 14 अक्टूबर को है या 15 अक्टबर को, तो चलिए जानते हैं हिन्दू पंचांग के अनुसार पुष्य नक्षत्र कब है और इस दिन क्या खरीदना सबसे शुभ होता है।

14 और 15 अक्टूबर 2025 की तारीखों में पुष्य नक्षत्र निम्नानुसार रहेगा:

14 या 15 अक्टूबर कब है पुष्य नक्षत्र

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री ने बताया कि लोक विजय पंचांग के अनुसार इस बार पुष्य नक्षत्र की शुरुआत 14 अक्टूबर मंगलवार को शाम 5.16 बजे से हो रही है। जिसकी समाप्ति अगले दिन यानी 15 अक्टूबर को शाम 4.03 बजे तक रहेगी। यानी यदि आप 14 अक्टूबर को खरीदारी नहीं कर पाए हैं तो आपके पास 15 अक्टूबर का भी मौका मिलेगा।

📅 पुष्य नक्षत्र – तिथि एवं समय

  • प्रारंभ: 14 अक्टूबर 2025, शाम 5.16 बजे

  • समाप्ति: 15 अक्टूबर 2025, शाम 4.03 बजे तक

कितने होते हैं नक्षत्र

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री ने बताया कि लोक विजय पंचांग के अनुसार ग्रहों में नौ ग्रह, 12 राशियां और 27 नक्षत्र होते हैं। जिनमें से पुष्य नक्षत्र को खरीदारी और शुभ काम के लिए सबसे खास माना जाता है। अगर आप भी दीपावली के पहले खरीदारी करना चाहते हैं तो चलिए कि इस बार पुष्य नक्षत्र कब आ रहा है।

पुष्य नक्षत्र क्यों होता है सबसे शुभ

ज्योतिषाचार्य के अनुसार पुष्य नक्षत्र 25 नक्षत्रों में सबसे श्रेष्ठ होता है। इसका चंद्र का स्वामी होता है। ये रात्रि बलि और सुंदरता का प्रतीक है।

ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र का महत्व

  • पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष शास्त्रों में बहुत ही शुभ माना जाता है।

  • यह नक्षत्र विशेष रूप से धन, लाभ, संपत्ति और निवेश के लिए अनुकूल माना जाता है।

  • दिवाली जैसे त्योहारों से पहले यह नक्षत्र और भी विशेष फायदे देने वाला माना जाता है — जो भी वस्तुएँ इस दौरान खरीदी जाएँ, उन्हें “अक्षय” कहा जाता है।

  • शास्त्रों में पुष्य को “नक्षत्रराज” कहा गया है, जिसका अर्थ है — नक्षत्रों में श्रेष्ठ और बलशाली।

​​नोट: इस लेख में दी गई जानकारियां सामान्य सूचनाओं पर आधारित हैं। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। तिथियों और मुहूर्तों में पंचांग मतभेद के चलते समय में अंतर हो सकता है। इसे अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह ले लें।

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