इस बार पुष्य नक्षत्र दो दिन: जमकर कर पाएंगे खरीदारी, यहां देखें कब से कब तक रहेगा, खरीदारी का सबसे शुभ-मुहूर्त

pushya-nakshatra-2024 Kab Hai: इस बार पुष्य नक्षत्र दो दिन: जमकर कर पाएंगे खरीदारी, यहां देखें कब से कब तक रहेगा खरीदारी मुहूर्त

Pushya-Nakshatra-2024

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Pushya Nakshatra 2024 Kab Hai: अगर आप भी त्योहारी सीजन में खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं तो ये आपके लिए अच्छी खबर है। इस बार पुष्य नक्षत्र एक नहीं बल्कि दो दिन के लिए आएगा।

ऐसे में यदि आप जानना चाहते हैं कि दीपावली (Diwali 2024) के पहले पुष्य नक्षत्र कब आएगा (Diwali ke Pahle Pushya Nakshtra kab hai) या इस बार ऐसा क्या हो रहा है कि पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshtra Time 2024)  दो दिन आएगा। तो चलिए जानते हैं

कितने होते हैं नक्षत्र

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार ग्रहों में नौ ग्रह, 12 राशियां और 27 नक्षत्र होते हैं। जिनमें से पुष्य नक्षत्र को खरीदारी और शुभ काम के लिए सबसे खास माना जाता है। अगर आप भी दीपावली के पहले खरीदारी करना चाहते हैं तो चलिए कि इस बार पुष्य नक्षत्र कब आ रहा है।

इस बार पुष्य नक्षत्र दो दिन रहेगा

अगर आप भी पुष्य नक्षत्र पर खरीदारी करने का मूड बना रहे हैं तो आपको बता दें इस बार पुष्य नक्षत्र 24 अक्टूबर को आ रहा है जो 25 अक्टूबर तक रहेगा।

पुष्य नक्षत्र कब से कब तक है

हिन्दू पंचांग के अनुसार पुष्य नक्षत्र की शुरुआत 24 अक्टूबर को सुबह 11:25 मिनिट से होगी, जो पूरे दिन पूरी रात रहेगा। इसके बाद ये दूसरे दिन तक यानी 25 अक्टूबर को 12:9 तक चलेगा।

पुष्य नक्षत्र क्यों होता है सबसे शुभ

ज्योतिषाचार्य के अनुसार पुष्य नक्षत्र 25 नक्षत्रों में सबसे श्रेष्ठ होता है। इसका चंद्र का स्वामी होता है। ये रात्रि बलि और सुंदरता का प्रतीक है।

पुष्य नक्षत्र का मुहूर्त 

पुष्य नक्षत्र प्रारंभ: 24 अक्टूबर को सुबह 11:25

पुष्य नक्षत्र समाप्ति: 25 अक्टूबर को सुबह 12:09

पुष्य नक्षत्र में क्या-क्या खरीदना सबसे शुभ होता है

पुष्य नक्षत्र खरीदारी का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन कुछ भी खरीदा जा सकता है। अगर आप भी प्रॉपर्टी, मकान, गाड़ी—वाहन, ज्वेलरी, बर्तन आदि खरीदना चाहते हैं तो ये आप 24 और 25 अक्टूबर दो दिन खरीद सकते हैं।

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​​नोट: इस लेख में दी गई जानकारियां सामान्य सूचनाओं पर आधारित हैं। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। तिथियों और मुहूर्तों में पंचांग मतभेद के चलते समय में अंतर हो सकता है। इसे अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह ले लें।

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