Delhi Farmers Protest: आज फिर किसानों का दिल्ली कूच, रेल रोकने का भी प्लान; जानें क्या है पुलिस की तैयारी

Delhi Farmers Protest: आज फिर किसानों का दिल्ली कूच, 10 मार्च को रेल रोकने की भी तैयारी; जानें क्या है पुलिस का प्लान।

Delhi Farmers Protest: आज फिर किसानों का दिल्ली कूच, रेल रोकने का भी प्लान; जानें क्या है पुलिस की तैयारी

   हाइलाइट्स 

  • किसानों के आंदोलन का 23वां दिन आज
  • आज फिर किसान करेंगे दिल्ली कूच
  • 10 मार्च को ट्रेन रोकने की भी है तैयारी

Delhi Farmers Protest: पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों का आज 23वां दिन है। इस बीच आज संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर देशभर के किसान पैदल, बस और ट्रेनों से कूच करेंगे। तो वहीं जो किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पहले से धरना दे रहे हैं, वे वहीं बैठकर रोष प्रकट करेंगे। बता दें, कि पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं।

उधर, किसानों के बॉर्डर पर धरना चलाने के ऐलान के बाद मंगलवार से हिसार-अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे 152 को भी खोलना शुरू कर दिया है। इससे पहले सोमवार को प्रशासन द्वारा अंबाला में सद्दोपुर के पास चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे नेशनल हाईवे-44 को खोला गया।

प्रशासन के इस फैसले के बाद वाहन चालकों को काफी राहत मिली है, क्योंकि अंबाला से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से हिसार या फिर चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को भटकना पड़ रहा था।

   पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, रेलवे और मेट्रो स्टेशनों के साथ बस अड्डों पर अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल पहले ही तैनात किए जा चुके हैं। कोई भी कानून का उल्लंघन नहीं कर सकेगा। कई जगहों पर जांच तेज की जाएगी। शहर में यातायात जाम की स्थिति बन सकती है।

   10 मार्च को ट्रेनें रोकेंगे किसान

इससे पहले 3 मार्च को बठिंडा में शुभकरण सिंह की अंतिम अरदास में किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने ऐलान किया कि 10 मार्च को दोपहर 12 से 4 बजे तक पूरे देश में ट्रेनें रोकी जाएंगी

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महापंचायत की रूपरेखा बताई है। जिसे किसान मजदूरों ने महापंचायत नाम दिया है।

इस पंचायत में देशभर से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली को छोड़ बसों और ट्रेनों से या अन्य वाहनों से जाएंगे। महापंचायत के बाद सीधे घर लौटेंगे। 8 मार्च को महिला किसान संगठनों के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article