Project Elephant Kuno: चीता के बाद कूनो बनेगा हाथियों का घर, केंद्रीय सरकार जल्द शुरू करेगी हाथी प्रोजेक्ट

Project Elephant Kuno: असम और केरल में हाथियों के व्यवहार की समीक्षा के आधार पर मध्य प्रदेश में हाथियों के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा.

Project Elephant Kuno: चीता के बाद कूनो बनेगा हाथियों का घर, केंद्रीय सरकार जल्द शुरू करेगी हाथी प्रोजेक्ट

    हाइलाइट्स

  • कूनो नेशनल पार्क में शुरु होगा एलिफेंट प्रोजेक्ट
  • गांधीसागर, नौरादेही अभ्यारण में होगा सर्वे
  • असम और केरल की तर्ज पर चलाया जाएगा प्रोजेक्ट

Project Elephant Kuno: मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में केंद्र सरकार ने चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी. यह प्रोजेक्ट पूरे देश भर में चर्चा में रहा क्योंकि इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य भारत में विलुप्ट प्रजाति चीतों के पुनर्वास का प्रयास किया जा रहा है. प्रोजेक्ट चीता के बाद अब कुनो में प्रोजेक्ट एलिफेंट की भी शुरुआत होने जा रही है. केंद्रीय वन मंत्री ने कूनो के चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान इसकी जानकारी दी है.

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   कूनो में शुरु होंगे कई प्रोजेक्ट 

मंदसौर के गांधीसागर में चीता प्रोजेक्ट को लेकर समीक्षा कार्यक्रम आयोजित हुआ इस  दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे. इसी दौरान केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव कहा कि मध्य प्रदेश के नेशनल पार्कों के साथ कई नए प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे. प्रदेश को इको टूरिज्म का हब बनाने की कार्य योजना के तहत प्रोजेक्ट एलिफेंट शुरू किया जाएगा. 

   एलिफेंट प्रोजेक्ट के लिए स्थानीय लोगों को देंगे ट्रेनिंग

एलिफेंट प्रोजेक्ट (Project Elephant Kuno) के लिए स्थानीय लोगों को ही ट्रेनिंग दी जाएगी. उनको गजमित्र बनाकर प्रोजेक्ट चलाया जाएगा. मध्य प्रदेश में असम और केरल के राज्यों के अनुभव के आधार पर यहां के हाथियों के झुंड की व्यवहार का अध्ययन किया जाएगा. केंद्र की टीम हाथियों के आवास वाले राज्यों के आधार पर यहां सर्वे करेगी.

   गांधीसागर मंदसौर में भी चीतों को लाया जाएगा

केंद्रीय वन मंत्री ने कहा कि कूनो के बाद अब मंदसौर के गांधीसागर अभ्यारण्य में भी साउथ अफ्रीका और नामीबिया से चीता लेकर आएंगे. चीतों को लाने से पहले प्रदेश में तीन केंद्र गांधी सागर अभ्यारण्य और तीसरा नौरादेही अभ्यारण में सर्वे टीम भेजी जाएगी. टीम चीतों के रहने के लिए अनुकूल महौल के हिसाब से रिपोर्ट तैयार करेगी. जिसके बाद इन जगहों पर चीतों को बसाया जाएगा.

बता दें वर्तमान में मध्य प्रदेश में अभी एक भी हाथी अभ्यारण नहीं है.  हालांकि प्रदेश के छत्तीसगढ़ से लगे हुए शहडोल, अनूपपुर जिलों में हाथियों का आवास है.

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