आसमान छू रहे सब्जियों के दाम, महंगाई से सब्जी की बिक्री में आई गिरावट

भोपाल: कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन के कारण हर चीजों के दाम बढ़ रहे हैं। चाहे सोना-चांदी हो या डीजल-पेट्रोल, वहीं डीजल के दामों में हो रही बढ़ोतरी के कारण आम जनता की जेब पर खासा असर पड़ा है और यही कारण है कि इसके प्रभाव में होने से सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। राजधानी भोपाल, ग्वालियर समेत प्रदेशभर में सब्जियों के दाम बढ़ने से आम आदमी की थाली का स्वाद कम हो गया है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि महंगाई के कारण ग्राहक कम सब्जी ले जा रहे हैं। जिससे उनके मुनाफे पर भी सीधा असर पड़ रहा है। हालांकि सब्जी व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले 1 महीने में सब्जियों के दाम कुछ हद तक कम हो सकते हैं।

वैसे तो हर साल बारिश में हरी सब्जियां महंगी होती है लेकिन आलू, टमाटर और प्याज की कीमतें इस बार बढ़ने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। थोक मंडी में भी सब्जियों के दाम सुनकर आम आदमी को पसीने छूट रहे हैं आम आदमी की थाली से कई सब्जियां महंगी होने के चलते गायब हो गई हैं लोगों के घरों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। वहीं बिलासपुर में फूलगोभी 100 रु किलो बिक रही है तो बैंगन 60 रुपये।

क्या हैं सब्जियों के दाम?

आलू- प्याज- 40 रु/किलो
भटा- 30 से 40 रु/किलो
टमाटर- 40 से 50 रु/किलो
भिंडी- 40 से 60 रु/किलो
लौकी- 40 रु/किलो
शिमला मिर्च- 100 रु/किलो
गंवार फली- 100 रु/किलो
कद्दू- 30 रु/किलो
मिर्ची- 100 रु/किलो
लहसुन- 160 रु/किलो

बारिश से खराब हुई फसल

इस समय कोरोना से बचने के लिए चाय में अदरक का इस्तेमाल भी लोग ज्यादा कर रहे हैं, जिसके रेट भी बढ़ चुके हैं। सब्जी बाजार में अदरक 120 रुपये किलो में बिक रहा है। पालक और लाल भाजी भी महंगी ही है। दाम बढ़ने को लेकर सब्जी व्यापारियों का कहना है कि अधिक बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर फसल खराब हो गई थी। ऐसे में दूसरे प्रदेशों से सब्जी आ रही है। सब्जियों के मांग की तुलना में आवक कम हुई है इसलिए भाव बढ़े हुए है।

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