Justice NV Ramana बने भारत के मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

NV Ramana

नई दिल्ली। (भाषा) न्यायमूर्ति एन वेंकट रमण ने देश के 48वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शनिवार को शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति रमण ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में शपथ ग्रहण की। समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद उपस्थित थे। न्यायमूर्ति रमण ने ईश्वर को साक्षी मानकर अंग्रेजी में पद की शपथ ली।

कौन हैं जस्टिस एनवी रमन्ना

जस्टिस एनवी रमन्ना का पूरा नाम नाथुलापति वेंकट रमन्ना है। इनका जन्म आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में 27 अगस्त, 1957 को हुआ था। साल 2017 में इन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया और अब देश के 48वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। रमन्ना 26 अगस्त 2022 को सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल दो साल का होगा। जस्टिस रमन्ना ने 1983 में वकालत का काम शुरू किया था। जब आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें आंध्र प्रदेश सरकार में एडिशनल एडवोकेट जनरल बनाया गया था।

2014 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनया गया था

एक मामूली किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस रमन्ना ने साइंस और कानून में स्नातक की डिग्रियां हासिल की है। उन्होंने पहले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट, केंद्रीय प्रशासनिक ट्राइब्यूनल और फिर सुप्रीम कोर्ट में कानून की पैक्टिस की है। जस्टिस रमन्ना राज्य सरकारों की ऐजेंसियों के लिए पैनल काउंसिल के तौर पर भी काम करते रहे हैं। जून, 2000 में उन्हें आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में स्थायी जज के तौर पर नियुक्त किया गया था। इसके बाद वे साल 2013 में मार्च से लेकर मई तक आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में एक्टिंग चीफ जस्टिस रहे। 2 सितंबर 2013 में उनकी पदोन्नति हुई और उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। साल 2014 में 17 फरवरी को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया।

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