MP Nikay Chunav 2021: नगरीय निकाय चुनावों को लेकर शुरू हुईं तैयारियां! खाली पदों पर होगी संविदा नियुक्ति...

MP Nikay Chunav 2021: नगरीय निकाय चुनावों को लेकर शुरू हुईं तैयारियां! खाली पदों पर होगी संविदा नियुक्ति... Preparations started for urban body elections, contractual appointments will be done on vacant posts

MP Nikay Chunav 2021: नगरीय निकाय चुनावों को लेकर शुरू हुईं तैयारियां! खाली पदों पर होगी संविदा नियुक्ति...

भोपाल। प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर अब थम गया है। कोरोना संक्रमण का पॉजिटिविटी रेट भी पांच प्रतिशत से कम हो गया है। सभी जिले अब रेड जोन से बाहर आ गए हैं। कोरोना की रफ्तार कम होते ही नगरीय निकायों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन पदों को संविदा नियुक्ति के आधार पर भरा जाएगा। इन पदों पर रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए आवास विभाग और नगरीय प्रशासन द्वारा प्रक्रिया के नियम भी जारी कर दिए गए हैं। इस भर्ती को देखते हुए माना जा रहा है कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों (MP Nagriya Nikay Chunav 2021) की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक पदों पर भर्ती के साथ चुनावों की तैयारी भी शुरू हो चुकी है।

बता दें कि प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के कारण नगरीय निकाय चुनावों को स्थगित किया गया था। अब कोरोना संक्रमण के गिरते आंकड़ों के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इससे पहले कई बार नगरीय निकाय चुनाव स्थगित किए जा चुके हैं। वहीं प्रदेश में कोरोना की रफ्तार भी धीमी पड़ चुकी है। कई जिलों में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आ रहा है। साथ ही साप्ताहिक औसत पॉजिटिविटी रेट 5 प्रतिशत से भी कम है। वहीं नगर निगम के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

यह रहेगी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया...
वहीं अगर नियम की बात करें तो जहां पदों की संख्या के बराबर या कम आवेदन आएंगे वहां चयन प्रक्रिया आवश्यक नहीं रहेगी। वहीं जहां पदों के हिसाब से ज्यादा आवेदन आएंगे वहां वॉकइन इंटरव्यू के हिसाब से चयन किया जाएगा। वही इइन पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयुसीमा 21 साल जबकि अधिकतम 65 साल निर्धारित की गई है।

इसके अलावा इन नियुक्ति में अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए पद आरक्षित भी किए गए हैं। इन पदों पर मानकों के हिसाब से अलग-अलग 8000 से 60,000 रुपए तक मानदेय निर्धारित किए किया गया है। निकायों के अधिकारियों का कहना है कि पदों के खाली होने के कारण काफी काम प्रभावित होता है। अब पदों पर नियुक्ति के बाद काफी काम हल्का होगा।

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