प्रसार भारती के डिजिटल चैनलों ने 2020 में 100 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की

नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) प्रसार भारती के डिजिटल चैनलों ने 2020 में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की है तथा दूरदर्शन (डीडी) और आकाशवाणी (एआईआर) के लिए पाकिस्तान दूसरा सबसे बड़ा डिजिटल दर्शक रहा। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि दूरदर्शन और आकाशवाणी के चैनलों को वर्ष भर में एक अरब से अधिक बार डिजिटल तरीके से देखा गया और इस दौरान इन्हें डिजिटल तरीके से करीब छह अरब मिनट देखा गया।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दिलचस्प बात है कि 2020 के दौरान भारत के घरेलू दर्शकों के बाद डीडी और आकाशवाणी की सामग्री के लिए दूसरे सबसे अधिक डिजिटल दर्शक पाकिस्तान के रहे।’’ पाकिस्तान के बाद अमेरिका का स्थान रहा।

इसमें कहा गया है कि 2020 के दौरान प्रसार भारती के मोबाइल एप्लिकेशन ‘न्यूजऑनएयर’ के उपयोगकर्ताओं की संख्या में 25 लाख से अधिक की बढ़ोतरी हुई और इस मंच को 30 करोड़ से अधिक ‘व्यूज’ मिले।

इसमें कहा गया है कि ‘लाइव रेडियो’ प्रसारण सबसे लोकप्रिय रहा। बयान में कहा गया है, ‘‘डीडी नेशनल और डीडी न्यूज के अलावा, प्रसार भारती के शीर्ष 20 डिजिटल चैनलों में डीडी सह्याद्री से मराठी समाचार, डीडी चंदना पर कन्नड़ कार्यक्रम, डीडी बांग्ला से बांग्ला समाचार और डीडी सप्तगिरी पर तेलुगु कार्यक्रम शामिल हैं।’’

बयान में कहा गया, ‘‘डीडी स्पोर्ट्स और आकाशवाणी स्पोर्ट्स ने लाइव कमेंट्री के साथ डिजिटल दर्शकों और श्रोताओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की है। वहीं प्रसार भारती आर्काईव्स और डीडी किसान ने अच्छा डिजिटल प्रदर्शन किया और वे शीर्ष 10 में शामिल हैं।’’

मंत्रालय ने पूर्वोत्तर से खबरों के लिए पर्याप्त डिजिटल दर्शक संख्या को रेखांकित करते हुए कहा कि आकाशवाणी समाचार की पूर्वोत्तर सेवा भी शीर्ष 10 में शामिल है तथा इसने 1,00,000 सब्सक्राइबर के डिजिटल मील के पत्थर को पार कर लिया है।

बयान में कहा गया है, ‘‘2020 के दौरान सबसे लोकप्रिय डिजिटल वीडियो में स्कूली छात्रों के साथ प्रधानमंत्री का संवाद, गणतंत्र दिवस परेड 2020 और डीडी नेशनल आर्काइव्स से शंकुतला देवी का दुर्लभ वीडियो शामिल हैं।’’

इसमें कहा गया है कि संस्कृत भाषा सामग्री के लिए समर्पित प्रसार भारती यूट्यूब चैनल 2020 में शुरू किया गया था, जिसमें डीडी-एआईआर राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के लिए संस्कृत भाषा में तैयार सामग्री अपलोड की जाती है।

बयान में कहा गया है, ‘‘मन की बात और ट्विटर हैंडल ने 2020 में तेज वृद्धि दर्ज की है, जिसमें मन की बात अपडेट ट्विटर हैंडल के अब 67 हजार से अधिक फॉलोअर हैं। यूट्यूब चैनल में मन की बात के विभिन्न एपिसोड के क्षेत्रीय भाषा संस्करण हैं।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘अब हजारों घंटे की शैक्षिक सामग्री विभिन्न भारतीय भाषाओं में हमारे यूट्यूब चैनलों पर उपलब्ध है।’’

भाषा अमित अविनाश

अविनाश

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