Prakash Chandra Sethi: जब पाजामा लाने के लिए मुख्यमंत्री का प्लेन श्रीनगर से पहुंचा था भोपाल, जानिए क्या है किस्सा

Prakash Chandra Sethi: जब पाजामा लाने के लिए मुख्यमंत्री का प्लेन श्रीनगर से पहुंचा था भोपाल, जानिए क्या है किस्साPrakash Chandra Sethi: When the Chief Minister's plane arrived from Srinagar to bring pajamas, know what is the story

Prakash Chandra Sethi: जब पाजामा लाने के लिए मुख्यमंत्री का प्लेन श्रीनगर से पहुंचा था भोपाल, जानिए क्या है किस्सा

Image source- @iUmarKhanBaba

भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे, प्रकाश चंद्र सेठी ने आज ही के दिन साल 1996 में इस दुनिया को अलविदा कहा था। उनका जन्म 10 अक्टूबर, 1920 को झालवाड़ (राजस्थान) में हुआ था। वे दो बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। सेठी इंदिरा गांधी के बेहद करीबी थे। वे हर काम के लिए इंदिरा की राय लिया करते थे। उनसे जुड़े कई ऐसे किस्से हैं, जिसे लोग आज भी बड़े चाव से सुनते हैं।

श्रीनगर से जल्दी लौटना चाहते थे सेठी
दरअसल, ये किस्सा उस समय का है जब कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद की शादी थी और प्रकाश चंद्र सेठी को वहां जाना था। शादी में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता श्रीनगर पहुंच रहे थे। ऐसे में सेठी ने सोचा कि मैं जाकर जल्दी से लौट आउंगा। सेठी गुलाम नबी की शादी में शामिल होने के लिए सरकारी हवाई जहाज से श्रीनगर पहुंचे। तय कार्यक्रम के अनुसार वो रात में ही भोपाल लौटना चाह रहे थे। लेकिन वहां जाने के बाद कुछ ऐसी स्थिति बनी कि वो लौट नहीं सके। उन्होंने श्रीनगर में ही रूकने का मन बनाया। लेकिन तभी उन्हें याद आया कि मैं जो पायजामा रात में पहनकर सोता हूं वो तो लेकर यहां आया नहीं। उन्हें रात में उसी पायजामा को पहनकर सोने की आदत थी। उन्होंने अपने स्टाफ को यह बात बताई।

पायजामा लेने के लिए विमान भोपाल आया
स्टाफ भी परेशान हो गए कि अब क्या किया जाए। उन्होंने बिना देर किए मुख्यमंत्री का पायजामा लाने के लिए विमान को 1600 किलोमीटर दूर भोपाल भेज दिया। भोपाल से विमान, पायजामा लेकर करीब साढ़े 9 बजे श्रीनगर पहुंचा, जिसके बाद प्रकाशचंद्र सेठी ने पायजामा पहना और सोने चले गए। उनका ये किस्सा आज भी मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में काफी फेमस है।

मुख्यमंत्री बनने पर हर कोई हैरान था
जैसा कि मैंने पहले ही कहा कि सेठी इंदिरा गांधी के बेहद करीबी थे, उन्हें इंदिरा ने ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया था। हालांकि जब मुख्यमंत्री की घोषणा होनी थी। तो उस वक्त कई नेताओं के नाम आगे चल रहे थे। प्रकाश चंद्र सेठी का नाम कहीं दूर-दूर तक नहीं था। लेकिन जैसे ही इंदिरा गांधी ने अपने चहेते का नाम मुख्यमंत्री के लिए घोषित किया। वहां सन्नाटा पसर गया। सारे विधायक हैरान थे। किसी ने ताली तक नहीं बजाई। लेकिन इंदिरा का हुकूम था तो कोई विरोध भी नहीं कर सकता था और इस प्रकार से प्रकाश चंद्र सेठी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए।

इस बात से पता चलता है कि वो इंदिरा के कितने करीबी थे
सेठी मध्य प्रदेश में दो बार मुख्यमंत्री रहे। पहली बार 29 जनवरी 1972 से लेकर 22 मार्च 1972 तक और फिर 23 मार्च 1972 से लेकर 22 दिसंबर 1975 तक। सेठी इंदिरा गांधी के कितने करीबी थे ये इस बात से भी पता चलता है कि इंदिरा के हत्या के बाद सेठी का राजनीतिक करियर खत्म सा हो गया।

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