MP Power cut: गहराता जा रहा बिजली संकट, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

MP Power cut: गहराता जा रहा बिजली संकट, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

भोपाल। देश के कई राज्यों में अघोषित बिजली की कटौती से लोग परेशान हैं। राजस्थान, बिहार के बाद अब मध्य प्रदेश में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। कोल इंडिया से कोयले की सप्लाई बाधित होने का असर देश के कई राज्यों में बिजली संकट के रूप में दिखा है। एनटीपीसी के कई संयंत्रों में कोयले की पर्याप्त आपूर्ति न हो पाने से बिजली उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। मप्र में तो बीते दिनों एनटीपीसी के कई प्लांट्स से उत्पादन ठप होने की भी खबरें आई थीं। छोटे कस्बों में 12-15 घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती की जा रही है। विपक्ष सरकार पर लगातार हमला कर रहा है।

कमलनाथ बोले- हमने सस्ती दरों पर दी बिजली
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी बिजली की अघोषित कटौती का मुद्दा उठाया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि क्षेत्रों में स्थिति बेहद खराब होती जा रही है। कोयले की कमी के कारण उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। कई ताप विद्युत परियोजनाएं बंद होने के कगार पर है। सरकार इन सब मामलों से बेखबर बनी हुई है। कमलनाथ ने लिखा-हमारी सरकार के समय हमने प्रदेश में कभी बिजली संकट की स्थिति सामने नहीं आने दी और सस्ती दर पर उपभोक्ताओं को बिजली भी उपलब्ध कराई थी। प्रदेश की जनता को इस बिजली संकट और मनमाने बिजली बिलों से मुक्ति दिलाए। इस समस्या का जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा।

उर्जा मंत्री ने किया पलटवार
बिजली कटौती को लेकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कटौती के नाम पर विपक्ष सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। उत्पादन से ज्यादा बिजली की खपत के चलते ऐसे हालात बने हैं। बांधों में पानी कम होने से बिजली का उत्पादन कम हो रहा है। बिजली कटौती पर अपनी ही पार्टी के नेताओं की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र की समस्याओं को बताना जनप्रतिनिधियों का काम है। किसी ने समस्या बताई तो उसका निराकरण करेंगे। वहीं बिजली संकट को लेकर गृहमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्लांट है तकनीकी दिक्कत आई है। जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा।

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