Khalistan: 26 जनवरी से पहले दिल्ली में दिखें 'खालिस्तान जिंदाबाद' के पोस्टर, पुलिस ने दर्ज किया केस

Khalistan: 26 जनवरी से पहले दिल्ली में दिखें 'खालिस्तान जिंदाबाद' के पोस्टर, पुलिस ने दर्ज किया केस Khalistaan: Posters of 'Khalistan Zindabad' seen in Delhi before January 26, police registered case

Khalistan: 26 जनवरी से पहले दिल्ली में दिखें 'खालिस्तान जिंदाबाद' के पोस्टर, पुलिस ने दर्ज किया केस

Khalistan: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को तैयारियां जोरो पर हैं। सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने में जुटी है। इसी बीच दिल्ली में कई जगहों पर "खालिस्तान जिंदाबाद" और अन्य देश विरोधी नारे लिखे हुए पोस्टर दिखाई दिए। हालांकि पुलिस ने इन पोस्टरों को हटा दिया है और अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

बता दें कि दिल्ली के विकासपुरी, जनकपुरी, तिलक नगर, पश्चिम विहार ईस्ट,पश्चिम विहार नॉर्थ के इलाके में दीवरों पर स्प्रे से सिख फ़ॉर जस्टिस और खालिस्तान जिंदाबाद के पोस्टर व रेफरेंडम 2020 लिखा हुआ था। यह घटनाक्रम गणतंत्र दिवस समारोह से कुछ दिन पहले आया है, जिसके लिए शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

मामले की जानकारी देते हुए दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 10 स्थानों पर दीवारों पर "खालिस्तान जिंदाबाद" और अन्य देश विरोधी नारेलिखे हुए थे। जिसे हटा दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह "सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा" नहीं है और इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस पीआरओ ने कहा, "26 जनवरी को हमारी सुरक्षा का ध्यान है। दिल्ली पुलिस की हर इकाई यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि कोई अप्रिय घटना न हो।" उन्होंने आगे बताया कि भारत में प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस इस तरह की गतिविधियों के पीछे हो सकता है और यह खबरों में बने रहने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है। अधिकारी ने कहा कि उनकी मदद करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

इससे पहले पिछले साल 6 जुलाई को करनाल पुलिस ने 20 जून को दो शैक्षणिक संस्थानों की दीवारों पर "खालिस्तान समर्थक नारे" लिखने के आरोप में पटियाला के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। जिसकी पहचान मंजीत के रूप में हुई थी। उसने कहा था कि उसे एक अमेरिकी संस्था से 1,000 अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया गया था।

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