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नई दिल्ली। देश में दिन-ब-दिन बढ़ रहे कोरोना केस के साथ टेस्टिंग भी बढ़ रही है। लोग अब ज्यादा तादाद में टेस्ट करवा रहे हैं। इससे देशभर की लैब पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे हालात देखते हुए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने मंगलवार को कोरोना टेस्टिंग पर नई एडवाइजरी जारी की है।
एडवायजरी में कहा गया है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति की दोबारा आरटी-पीसीआर जांच नहीं होनी चाहिए जो रैपिड एंटीजन या आरटी-पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया हो। आईसीएमआर के मुताबिक लैब के वर्क लोड को कम करने के लिए अंतरराज्यीय घरेलू यात्रा करने वाले स्वस्थ व्यक्तियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच को पूरी तरह से हटाया जा सकता है।
Indian Council of Medical Research (ICMR) issues advisory for COVID19 testing during the second wave of the pandemic; RTPCR test must not be repeated in any individual who has tested positive once either by RAT or RTPCR. pic.twitter.com/Tjkez7lmaL
— ANI (@ANI) May 4, 2021
भारत में रोजाना 15 लाख टेस्ट की कैपेसिटी
भारत में टेस्टिंग का ओवरऑल पॉजिटिव रेट 20% से ज्यादा है। मौतें काफी ज्यादा हो रही हैं। इस पर नियंत्रण हासिल करने के लिए आइसोलेशन और होम बेस्ड ट्रीटमेंट पर ध्यान देना जरूरी है। भारत में इस समय 2506 मॉलिक्यूलर टेस्टिंग लैबोरेटरी हैं। इनमें कई तरह के टेस्ट किए जा सकते हैं। इन सबको मिलाकर भारत में 15 लाख टेस्ट रोजाना किए जा सकते हैं।
ICMR ने कहा कि जरूरी कारण से यात्रा करने वाले सभी बिना लक्षण वाले लोगों को कोविड नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। एडवायजरी में यह भी बताया गया है कि GeM पोर्टल पर मोबाइल टेस्टिंग लैब अब मौजूद हैं। राज्यों को मोबाइल सिस्टम के जरिए आरटी-पीसीआर जांच करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
रैपिड टेस्ट से संबंधित सुझाव-
1. रैपिड एंटीजन टेस्ट को सभी सरकारी और निजी हेल्थकेयर फैसिलिटी में अनिवार्य करना चाहिए।
2. शहरों, कस्बों, गांवों में लोगों की बड़े स्तर पर जांच के लिए RAT बूथ लगाए जाएं।
3. शहरों, गांवों में यह RAT बूथ कई स्थानों पर लगाए जाएं. इनमें स्कूल-कॉलेज, कम्युनिटी सेंटर, खाली स्थानों शामिल हों।
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