positive news: कोरोना के कहर के बीच अच्छी खबर, 10 दिन की बच्ची को दूध पिलाने के लिए 60 माएं आईं सामने -

positive news: कोरोना के कहर के बीच अच्छी खबर, 10 दिन की बच्ची को दूध पिलाने के लिए 60 माएं आईं सामने

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भोपाल। कोरोना की दूसरी लहर ने राजधानी भोपाल को लगभग अपने कब्जे में कर लिया है। रोजाना लगभग 1700 से अधिक लोग इसके गिरफ्त में आ रहे हैं। बेहद परेशान करने वाली खबरों के बीच आज एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, 10 दिन के एक नवजात ने अपनी मां को संक्रमण के कारण खो दिया था, लोग सोच रहे थे कि अब इस मासूम का क्या होगा। लेकिन महज 1 घंटे के अंदर शहर के 30 से ज्यादा माएं सामने आई हैं। जिन्होंने मासूम को दूध पिलाने की बात कही है और दो महिलाओं ने तत्काल उसे अपना दूध पिलाना शुरू भी कर दिया है।

कोरोना पीडित मां की मृत्यु हो गई थी

दरअसल,रायसेन रोड की रहने वाली एक महिला कोरोना संक्रमित हो गई थी। उसने 11 अप्रैल को एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन मजह 5 दिन बाद, यानी 15 अप्रैल को कोरोना पीडित मां की मृत्यु हो गई। दुधमुंही बच्ची के सामने मां के दूध का संकट पैदा हो गया। बच्ची भी अस्पताल में ही भर्ती है। ऐसे में उसके पिता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया कि बच्ची को मदर मिल्क की आवश्यकता है। इस पोस्ट को कई लोगों ने देखा।

दो महिलाएं तत्काल दूध पिलाने के लिए तैयार हुईं

इनमें बाल कल्याण समिति सदस्य डॉ. कृपाशंकर चौबे और उनकी पत्नी रक्षा दुबे भी शामिल थी। इन्होंने कुछ महिलाओं से संपर्क किया जो हाल ही में मां बनी थीं। इसके बाद दो महिलाएं दूध पिलाने के लिए तत्काल तैयार हो गईं। इसमें विशेष किशोर पुलिस इकाई में आरक्षक माया सिलोरिया और राज्य GST में काराधान सहायक ज्योति नापित शामिल हैं।

सिजेरियन डिलीवरी से पीड़िता ने बच्ची को दिया था जन्म

बतादें कि पोस्ट को देखने के बाद एक घंटे के अंदर करीब 30 से ज्यादा महिलाएं सामने आई थीं और शाम तक यह संख्या 60 से अधिक हो गई थी। गौरतलब है कि पीड़ित महिला को साढ़े सात महीने का गर्भ था। इसी बीच 5 अप्रैल को वो कोरोना पॉजिटिव हो गईं। परिजनों ने उन्हें 9 अप्रैल को चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने बच्चे की जान बचाने के लिए सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दी। जिसके बाद पीड़िता ने बेटी को जन्म दिया। बच्ची की रिपोर्ट निगेटिव आई।

डॉक्टरों ने मां के दूध की जरूरत बताई थी

हालांकि उसकी डिलीवरी प्री-मेच्योर हुई थी इस कारण से हमिदिया में ही बच्ची का इलाज जारी था। करीब हफ्तेभर पाउडर वाला दूध पिलाने के बाद डॉक्टरों ने मां के दूध की जरूरत बताई। इसके बाद पिता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा और घंटे भर में 30 महिलाएं सामने आ गईं। दोपहर तक परिजनों को एक दूसरा संदेश जारी करके बताना पड़ा कि बच्ची को पर्याप्त मात्रा में मां का दूध मिल गया है।

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