भोपाल AIIMS को मिला रामलला प्राण प्रतिष्ठा में लगा पोर्टेबल अस्पताल: अब आपदा में जनता के आएगा काम, जानें इसकी खासियत

Bhopal AIIMS Arogya Maitri Portable Hospital: अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा में लगा हाईटेक पोर्टेबल ट्रामा सेंटर आरोग्य मैत्री हेल्थ क्यबू भोपाल एम्स को मिला है। अब यह ट्रामा सेंटर आपदा जैसी स्थिति में आम जन तक पहुंचेगा।​

Bhopal AIIMS Portable Hospital

Bhopal AIIMS Portable Hospital

Bhopal AIIMS Arogya Maitri Portable Hospital: अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा में लगा हाईटेक पोर्टेबल ट्रामा सेंटर आरोग्य मैत्री हेल्थ क्यबू भोपाल एम्स को मिला है। अब यह ट्रामा सेंटर आपदा जैसी स्थिति में आम जन तक पहुंचेगा।​

ट्रॉमा

इस प्रोजेक्ट के जरिए कुछ ही मिनटों में सैकड़ों मरीजों को इलाज मिल सकेगा। ऑन द स्पॉट ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। यह प्रोजेक्ट रक्षा मंत्रालय के आरोग्य मैत्री के तहत तैयार किया है। इसका पहली बार उपयोग अयोध्या में किया गया।

यहां काम आएगा ये अस्पताल

एम्स डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह के मुताबिक, यह पोर्टेबल अस्पताल उन क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जिन दुर्गम स्थानों पर आपदा के समय ऑन द स्पॉट इलाज मिलना मुश्किल होता है। ऐसे दुर्गम पहाड़ी, ग्रामीण, सीमावर्ती जैसे इलाकों में लगाया जा सकेगा। जहां तुरंत मरीजों को इलाज मिलेगा।

रूस-यूक्रेन युद्ध में काम आया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन को यह यह पोर्टेबल अस्पताल गिफ्ट दिया था। जिसे यूक्रेन ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान जवानों समेत आमजन के लिए इस्तेमाल किया था। जिसे अब आम जनता के इस्तेमाल के लिए भोपाल एम्स को दिया है। अन्य यूनिट्स भारत के अन्य शहरों में भेजे गए हैं।

जानें इस सेंटर की खासियत

  • हाईटेक पोर्टेबल ट्रामा सेंटर अपने आप में एक अस्प्ताल है।
  • यह पूरा सेंटर पैराशूट से एयर ड्रॉप किया जा सकता है।
  • जिसका भोपाल एम्स में डेमो के तौर पर ट्रायल किया गया।
  • यह आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में मरीजों तक पहुंचेगा।

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20 मिनट में मिलेगा इलाज

  • 20 मिनट में 200 बेड का फंक्शनल अस्पताल बना सकेंगे।
  • 12 मिनट के अंदर एक ऑपरेशन थिएटर तैयार हो जाएगा।
  • इस सेंटर के जरिए मरीजों को ऑन द स्पॉट इलाज मिलेगा।
  • पूरा सेटअप जकाने पर 15 से 20 मिनट में तुरंत इलाज मिलेगा।

इन सुविधाओं से लैस सेंटर

  • यह आरोग्य मैत्री आपदा में दी जाने वाली जरूरी सुविधाओं से लैस है।
  • यह एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, मॉनिटरिंग डिवाइस से लैस हैं।
  • इनमें जीवनरक्षक दवाओं, जांच उपकरण और टेलीमेडिसिन भी है
  • बिजली और पानी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध है।
  • इससे 72 घंटों तक मरीजों को इलाज मिल सकेगा।
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