Police-Naxalite Encounter: पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़, भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद, दो से तीन नक्सली घायल

Police-Naxalite Encounter: धमतरी जिले में ओडिशा बॉर्डर से लगे एकावारी के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच काफी देर तक मुठभेड़ जारी रही.

Police-Naxalite Encounter: पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़, भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद, दो से तीन नक्सली घायल

 हाइलाइट्स

  •  पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़
  • मैनपुर, नुआपाड़ डिविजन के नक्सलियों का था जमावड़ा
  • 2 से 3 नक्सलियों के घायल होने का दावा

Police-Naxalite Encounter:धमतरी जिले के बोराई थाना क्षेत्र में ओडिशा बॉर्डर से लगे एकावारी के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच काफी देर तक मुठभेड़ जारी रही.  शुक्रवार की रात यह मुठभेड़ शुरू हुई थी, जो आज  दोपहर तक चली.  मुठभेड़ में गोली लगने से एक जवान की उंगली पर मामूली चोट आई है. वहीं पुलिस दो से तीन नक्सलियों के घायल होने का दावा भी कर रही है.

भारी मात्रा में नक्सली सामग्री मिली

[caption id="" align="alignnone" width="677"]publive-image मौके से एक बंदूक, वर्दी, वायर और नक्सली साहित्य बरामद[/caption]

घटना स्थल पर पुलिस को सर्चिंग के बाद एक बैरल ग्रेनाइट लांचर व भारी मात्रा में नक्सली सामग्री मिली है. वहीं बैकअप फोर्स की मदद से एनकाउंटर करने वाली टीम को सुरक्षित वापस लाया जा रहा है. धमतरी एसपी आंजनेय वार्ष्णेय ने कहा कि नक्सलियों के नुआपाड़ा दलम के एकावारी के आसपास मौजूद होने की सूचना मिली थी. जिसके बाद गरियाबंद व धमतरी की DRG टीम को संयुक्त रूप से सर्चिंग के लिए भेजा गया था. DRG टीम की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई है. मुठभेड़ (Police-Naxalite Encounter) के बाद पूरे इलाके में सर्चिंग की जा रही है.

दोनों ओर से 7-8 घंटे तक हुई फायरिंग

नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर शुक्रवार शाम से ही फायरिंग शुरू कर दी थी. संयुक्त टीम ने जब जवाबी कार्रवाई की तो नक्सली जंगल की ओर भाग खड़े हुए. दोनों ओर से लगभग  7-8 घंटे तक फायरिंग हुई. इलाके में सर्चिंग अभियान अब भी जारी है. 

मुठभेड़ के बाद फिलहाल मैनपुर मार्ग, नगरी और ओडिशा पर सन्नाटा पसरा हुआ है. मौके से एक बंदूक, नक्सली साहित्य वर्दी, वायर बरामद हुआ है. 

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बता दें कि बस्तर में लोकसभा चुनाव आते ही फोर्स का दबाव बढ़ा हुआ है. जिसके चलते नक्सल प्रभावित जिलों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. खासतौर पर छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र,  छत्तीसगढ़-ओडिशा, छत्तीसगढ़-झारखंड और छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पुलिस का फोकस है.

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