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बलौदाबाजार हिंसा मामले में देवेंद्र यादव को तीसरा नोटिस: पूछताछ के लिए दोनों बार पेश नहीं हुए विधायक, जानें पूरा मामला

MLA Devendra Yadav: बलौदाबाजार हिंसा मामले में देवेंद्र यादव को तीसरा नोटिस: पूछताछ के लिए दोनों बार पेश नहीं हुए विधायक, जानें पूरा मामला

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Harsh Verma
बलौदाबाजार हिंसा मामले में देवेंद्र यादव को तीसरा नोटिस: पूछताछ के लिए दोनों बार पेश नहीं हुए विधायक, जानें पूरा मामला

    हाइलाइट्स

  • कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को तीसरी बार नोटिस

  •  पुलिस ने बलौदाबाजार हिंसा मामले में दिया नोटिस

  • इससे पहले विधायक को दो बार नोटिस दे चुकी है पुलिस

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MLA Devendra Yadav: बलौदाबाजार हिंसा मामले में पुलिस ने भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को तीसरी बार नोटिस दिया है. बलौदाबाजार पुलिस इससे पहले विधायक को दो बार नोटिस दे चुकी है. लेकिन कांग्रेस विधायक पूछताछ में एक बार भी नहीं गए. पुलिस ने तीसरे नोटिस में लिखा है कि पूछताछ के लिए न आना सत्य प्रकट करने की अनिच्छा को प्रकट करता है.

पुलिस ने अब देवेंद्र यादव को नोटिस देकर 18 जुलाई को सुबह 10 बजे बलौदाबाजार सिटी कोतवाली में बुलाया है. पुलिस ने उनके कार्यालय के बाहर नोटिस को चस्पा किया है. देवेंद्र यादव को पुलिस ने इससे पहले 9 जुलाई को दूसरा नोटिस भेज पूछताछ के लिए बुलाया था. तो वहीं 8 जुलाई को पहला नोटिस भेजा था.

   निर्दोषों पर कार्रवाई करने का काम कर रही सरकार: देवेंद्र

[caption id="" align="alignnone" width="567"]publive-image भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव[/caption]

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देवेंद्र यादव ने पुलिस के नोटिस मामले में कहा था कि धरने की परमिशन सरकार से ही मिली थी. फिर भी सरकार पिछले 1 महीने से निर्दोषों पर कार्रवाई करने का काम कर रही है. सतनामी समाज के पदाधिकारी को बुलाकर कहा जाता है कि कांग्रेस के पदाधिकारी का नाम ले लो, कांग्रेस नेताओं का नाम ले लो, सतनामी समाज के पदाधिकारियों पर इसी तरह के दबाव बनाए जा रहे हैं.

विधायक ने कहा था कि मैंने पहले भी एक वाट्सऐप चैट दिखाया था. जिसमें कहा गया था कि देवेंद्र यादव का नाम लेंगे तो आपके भाई पर कार्रवाई नहीं की जाएगी. लेकिन उन लोगों ने मना किया तो हमारे कार्यकर्ता पर 307 का मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया.

   इसलिए मिला विधायक देवेंद्र यादव को नोटिस

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बलौदाबाजार में जिस दिन सतनामी समाज का प्रदर्शन (Balodabazar Violence) हुआ था, उसमें विधायक देवेंद्र यादव शामिल होने पहुंचे थे. उन्होंने अपने सोशल मीडिया में भी इसका वीडियो पोस्ट किया था. हिंसा की खबरों के बाद से ही इन नेताओं की वहां उपस्थिति पर सवाल उठ रहे थे और इसी के तहत पुलिस ने नोटिस थमाया है.

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हिंसा (Balodabazar Violence) के बाद छत्तीसगढ़ सरकार के तीन मंत्री दयालदास बघेल, टंकराम वर्मा और श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर पूर्व मंत्री गुरु रुद्र कुमार, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और बिलाईगढ़ की विधायक कविता प्राण लहरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि इन नेताओं ने ही सतनामी समाज के लोगों को भड़काया, जिससे आंदोलन हिंसक हो गया.

इस दौरान तीनों मंत्रियों ने इन नेताओं के विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें जारी करते हुए मामले की न्यायिक जांच की बात कही थी. उन्होंने कहा कि लोगों को भड़काने (Balodabazar Violence) के आरोप में कांग्रेस के नेताओं पर भी कार्रवाई होगी.

   कल जांच के लिए पहुंचेंगे न्यायिक आयोग के अध्यक्ष

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के महकोनी स्थित अमर गुफा में जैतखाम काटने और बलौदाबाजार हिंसा की न्यायिक जांच होनी है. जिसकी जांच के लिए न्यायिक आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश सीबी बाजपेयी 18 जुलाई को सुबह 9 बजे बलौदाबाजार जिला पहुंचेंगे. जहां से वे गिरौदपुरी और महकोनी स्थित अमर गुफा जाकर मामले की जांच करेंगे.

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बता दें कि जैतखाम काटने और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट सतनामी समाज के लोगों ने सीबीआई (CBI) जांच की मांग की थी. जिसके बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच का आदेश दे दिया था. तो वहीं इस घटना से आक्रोशित होकर समाज के लोगों ने दशहरा मैदान में प्रदर्शन किया था. जिसमें पूरे प्रदेश और बाहरी राज्यों से भी लोग पहुंचे थे. प्रदर्शन के दोरान आगजनी हिंसा तोड़फोड़ की घटना हुई थी.

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