PM Modi Dehradun Visit: मोदी का उत्तराखंडवासियों के नाम संबोधन, बोले- यहां बह रही है ​विकास की गंगा

PM Modi Dehradun Visit: मोदी का उत्तराखंडवासियों के नाम संबोधन, बोले- यहां बह रही है ​विकास की गंगा PM Modi Dehradun Visit: Modi's address to the people of Uttarakhand, said - Ganga of development is flowing here

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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड को अपनी सरकार के लिए ‘तप और तपस्या का मार्ग’ बताते हुए शनिवार को कहा कि इस राज्य में विकास की गंगा बह रही है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच सालों में यहां एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं तेजी से धरातल पर उतारी जा रही हैं।

राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यहां परेड ग्राउंड में 18000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘जो लोग पूछते हैं कि ‘डबल इंजन’ की सरकार का फायदा क्या हुआ, उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि कैसे उत्तराखंड में विकास की गंगा बह रही है। यह डबल इंजन सरकार का ही फायदा है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में पिछले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि 18 हजार करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं में संपर्क, स्वास्थ्य, संस्कृति, तीर्थाटन, बिजली और ‘‘चाइल्ड फ्रेंडली सिटी प्रोजेक्ट’’ जैसी हर क्षेत्र की परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगले दस वर्षों में ये परियोजनाएं उत्तराखंड को एक दशक में अहम मुकाम पर पहुंचा देंगी जिसके लिए उन्होंने लोगों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधुनिक आधारभूत संरचनाओं की परियोजनाएं जैसे ‘ऑल वेदर चारधाम’ परियोजनाओं का काम 'अभूतपूर्व' तरीके से हो रहा है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ जाने वालों की सुविधा के लिए अब लामबगड़ को भूस्खलन मुक्त कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भूस्खलन के कारण श्रद्धालुओं को घंटो इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब बदरीनाथ की यात्रा 'सुरक्षित और सुखद' हो जाएगी। इस संबंध में, केदारनाथ का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि 2012 में आपदा से पहले बाबा के धाम में जहां रिकार्ड 5.70 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे वहीं आपदा के बाद 2019 में केदारपुरी पुनर्निर्माण के कारण यह संख्या दोगुनी होकर दस लाख से अधिक हो गयी। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के काम की वजह से न केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार और स्व:रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई।

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके बनने से दोनों शहरों के बीच सफर में लगने वाला समय आधा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस 'आर्थिक गलियारे' से न केवल देहरादून को बल्कि, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत और शामली जैसे स्थानों को भी फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे के बनने से उद्योगों का भी गलियारा बनेगा और इसमें 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा ऐलिवेटेड वन्यजीव गलियारा भी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार हरिद्वार रिंग रोड बनने से वहां के लोगों को यातायात जाम से मुक्ति मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश की पहचान ‘लक्ष्मणझूला’ के पास एक नये पुल का भी शिलान्यास हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में औषधीय गुणों वाली जड़ी बूटियों की मांग दुनियाभर में है लेकिन इस सामर्थ्य का अभी पूरा उपयोग नहीं हुआ है जिसे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

मोदी ने कहा कि पहाड़ों में रहने वाले लोगों का जीवन सुगम बनाना देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है लेकिन दुर्भाग्य से दशकों तक सरकार में रहने वालों की नीति और रणनीति में यह चिंतन कहीं मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके लिए उत्तराखंड 'तप और तपस्या' का मार्ग है। उन्होंने कहा, ‘‘केन्द्र की पूर्ववर्ती सरकार ने अपने सात साल में उत्तराखंड में केवल 288 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जबकि हमारी सरकार ने अपने सात साल के कार्यकाल में 2000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया।’’

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