Pithampur Union Carbide Waste: पीथमपुर में जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा, रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Madhya Pradesh Pithampur Union Carbide Waste Disposal Case Update - भोपाल से पीथमपुर लाए गए यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने का रास्ता साफ हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी।

Pithampur Union Carbide Waste: पीथमपुर में जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा, रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Pithampur Union Carbide Waste: भोपाल से पीथमपुर लाए गए यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने का रास्ता साफ हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया।

गुरुवार को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता अगर चाहें तो इस मामले में हाई कोर्ट में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

कोर्ट ने सरकार के उस जवाब को भी रिकॉर्ड पर लिया है, जिसमें कहा गया है कि कचरा जलाने के दौरान सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

पीथमपुर में कचरा जलाने का ट्रायल

पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के रासायनिक कचरे को जलाने का ट्रायल गुरुवार (27 फरवरी) से शुरू होगा। रामकी एनवायरो फैक्ट्री में कचरा जलाने का दूसरा ट्रायल 4 मार्च और तीसरा 12 मार्च से शुरू होगा।

इस बीच, कचरा जलाने के विरोध में दायर याचिका को लेकर प्रशासन सतर्क है। 3 जनवरी को हुए विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता।

इंदौर देहात और धार जिले के 24 थानों से 500 से अधिक पुलिसकर्मी पीथमपुर में तैनात किए गए हैं।

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सरकार ने दिया जवाब

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार से पूछा था कि पीथमपुर में कचरा जलाने के दौरान किसी घटना की स्थिति में क्या इंतजाम किए गए हैं। गुरुवार को सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि कचरा जलाने के दौरान किसी आपदा की स्थिति में आपदा प्रबंधन के लिए कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।

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कचरा जलाने की तैयारी पूरी

पीथमपुर स्थित संयंत्र में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर कचरा जलाने के तीन ट्रायल रन किए जाएंगे। पहले चरण के तहत गुरुवार सुबह 10 मीट्रिक टन कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि पर्यावरण और स्वास्थ्य नियमों का पालन किए बिना यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने की तैयारी की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कचरा जलाया जाना है, वहां से 250 मीटर दूर एक गांव है। एक किमी के दायरे में तीन अन्य गांव हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया है।

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हाई कोर्ट के आदेश पर कचरा जलाया जा रहा है

भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड के कचरे का निस्तारण करा रही है। जनवरी में 337 टन कचरे को भोपाल से पीथमपुर स्थित संयंत्र में लाया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों ने कचरे के जलने से जहरीले तत्वों के वातावरण में फैलने की आशंका जताते हुए विरोध किया था।

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पीथमपुर में हिंसक प्रदर्शन

1 जनवरी की रात को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर से करीब 358 मीट्रिक टन जहरीला कचरा 10 कंटेनर में भरकर पीथमपुर भेजा गया था। इसके बाद पीथमपुर में लगातार तीन दिन तक हिंसक प्रदर्शन हुए।

आत्मदाह की कोशिश में दो युवक झुलस गए थे। 4 जनवरी को तारपुरा गांव के पास स्थित रामकी एनवायरो इंडस्ट्रीज की फैक्ट्री पर पथराव किया गया, जिसमें कुछ वाहनों के कांच टूट गए।

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