PFI Big Raid: देशव्यापी छापेमारी अभियान में कई राज्यों में पड़े छापे, 10 कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार

देशव्यापी छापेमारी अभियान के तहत असम में बृहस्पतिवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

PFI Big Raid:  देशव्यापी छापेमारी अभियान में कई राज्यों में पड़े छापे, 10 कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार

गुवाहाटी/ इंफाल।  PFI Big Raid राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के नेतृत्व में कई जांच एजेंसियों के सहयोग से चलाए गए देशव्यापी छापेमारी अभियान के तहत असम में बृहस्पतिवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। इन्हें सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करने के आरोप में पकड़ा गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की टीम ने मणिपुर के थौबल जिले में स्थित पीएफआई के कार्यालय पर भी छापा मारा और बड़ी संख्या में दस्तावेज बरामद किये, लेकिन यहां से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष अमीनुल हक समेत 10 गिरफ्तार लोगों में से नौ को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कामरूप (मेट्रो) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों से बात करने की अनुमति नहीं थी। दसवें कार्यकर्ता के बृहस्पतिवार देर रात तक गुवाहाटी लाए जाने की उम्मीद है और उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। असम पुलिस के एक बयान में दावा किया गया कि वे लोग राज्य और केंद्र सरकार के कदमों की आलोचना करते हैं जिनमें संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी), संदिग्ध मतदाता (डी-वोटर), राज्य शिक्षा नीति, पशु संरक्षण कानून, सशस्त्र बल विशेष शक्ति कानून (अफस्पा), टीईटी परीक्षा, अग्निपथ योजना, सरकारी जमीन पर कब्जे से लोगों को हटाने की निंदा करना आदि शामिल हैं।

पुलिस ने आरोप लगाया कि वे लोग सरकारी कर्मचारियों के काम में बलपूर्वक बाधा डालने का प्रयास करते थे। बयान में दावा किया गया है कि लोगों को भड़काने के लिए पीएफआई के कार्यकर्ता व्यापक रूप से साइबर स्पेस का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के बयान के मुताबिक सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में ये कार्यकर्ता विभिन्न मुद्दों को लेकर कथित रूप से विरोध प्रदर्शन आयोजित करने में शामिल रहे हैं। असम के करीमगंज, बारपेटा, बक्सा, कामरूप (ग्रामीण), गोवालपारा और कामरूप (मेट्रो) जिलों को सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। मणिपुर के थौबल जिले में पीएफआई के लिलोंग बाजार कार्यालय में छापेमारी के दौरान एनआईए की टीम के साथ राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान मौजूद थे, जहां से कई दस्तावेज जब्त किये गये।

एनआईए कार्यालय का ताला खोलने के लिए पीएफआई के राज्य महासचिव मोहम्मद रफीजुद्दीन को घर से लेकर आई। छापेमारी के बाद पीएफआई के राज्य अध्यक्ष मोहम्मद अब्दुल्लाह ने संवाददाताओं से कहा कि उनके संगठन का भारतीय संविधान के खिलाफ काम करने वाले किसी संगठन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘पीएफआई सभी चुनौतियों का सामना करेगा और हमेशा भारत की एकता के लिए खड़ी रहेगा।’’

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