Job Finding App : इस ऐप पर पाएं बस 1 रूपए में सरकारी नौकरी ! जानिए किसने बनाया और क्या है इसमें खास

मुंबई के जीजामाता नगर की झुग्गियों में रहने वाला एक युवा उद्यमी उदय पवार ने नौकरी के इच्छुक लोगों के लिए बड़ा ही शानदार एप बनाया है जिसका नाम ‘टिंग टोंग’ नाम है।

Job Finding App : इस ऐप पर पाएं बस 1 रूपए में सरकारी नौकरी  ! जानिए किसने बनाया और क्या है इसमें खास

मुंबई. Job Finding App नौकरी सरकारी हो या प्राइवेट हर किसी के लिए जीवन जीने का एक जरिया होती है ऐसे में अगर आप भी नौकरी पाना चाहते है तो यह खबर आपके काम की है ।जहां पर मुंबई के जीजामाता नगर की झुग्गियों में रहने वाला एक युवा उद्यमी उदय पवार ने नौकरी के इच्छुक लोगों के लिए बड़ा ही शानदार एप बनाया है जिसका नाम ‘टिंग टोंग’ नाम है। इसके जरिए एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती यानी धारावी के कम पढ़े-लिखे व बेरोजगार लोगों के लिए नौकरी का शानदार अवसर मिलेगा।

जानिए एप के जरिए कौन सी मिलेगी नौकरी 

आपको बताते चलें कि, इस टिंग टोंग एप के जरिए एप के निर्माता पवार ने बताया कि, इस ऐप में आपको नजदीकी क्लीनिक, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, वकील, सीए जैसी सारी जानकारियां मिलेंगी. आपके घर के पास पानीपुरी वाला है क्या? यह जानकारी भी मिल जाएगी. ‘हम मुंबई के वेंडरों को अपने ऐप में रजिस्टर कर रहे हैं. कई लोगों को घर से रोजगार मिल रहा है। ‘मैं जानता हूं कि जिस तरह की एप्लिकेशन मैंने बनाई है, उसी तरह की बड़ी कंपनियों के भी एप्लिकेशन हैं. लेकिन उन ऐप्स में आपको काम मिलता है, तो बड़ी कंपनियों को आपको कमीशन देना होता है. आपके हाथ में बहुत कम रकम आती है. इसलिए मैं अपने ऐप में कोई कमीशन नहीं डालता. यहां आपका रजिस्ट्रेशन शुल्क भी मामूली है. रोज एक रुपये यानी सिर्फ 365 रुपये सालाना।

[caption id="" align="alignnone" width="540"]मलिन बस्तियों के बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के लिए ऐप बनाने वाले उदय पवार. एप के निर्माता उदय पवार[/caption]

झुग्गियों से जुड़ा है बचपन

यहां पर अपनी इस शानदार पहल को लेकर उदय पवार ने कहा कि, ‘मैं झुग्गियों में पला-बढ़ा हूं. जब हम कहते हैं कि हम ऐसी जगह रहते हैं, तो लोगों का हमें देखने का नजरिया बदल जाता है. बहुत से लोग सोचते हैं कि यहां रहने वाले लोग खराब होते हैं. ऐसा नहीं है. यहां भी सबमें अलग-अलग गुण हैं, पर बाहर के लोगों को दिखते नहीं हैं. मैं इस तस्वीर को बदलना चाहता था। साथ ही बताया कि, बिजनेस ऐप बनाने का आइडिया आया तो उन्हें दोस्तों की मदद लेनी पड़ी क्योंकि वह सिर्फ 11वीं पास हैं कोई इंजीनियर नहीं।

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