देश के लोग किसानों के साथ हैं : गहलोत

जयपुर, तीन जनवरी (भाषा) राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से केन्द्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों के विरोध में रविवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर ‘किसान बचाओ देश बचाओ अभियान’ के तहत धरना आयोजित किया गया।

धरने में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलयट सहित कांग्रेस विधायक, प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्यों सहित पार्टी कार्यकताओं ने भाग लिया।

धरने को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की गलतफहमी दूर हो जायेगी क्योंकि केन्द्र द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ देश के लोग किसानों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र की असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है कि किसानों के 39 दिनों के विरोध के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सरकार मानती है कि किसान थक जायेंगे और यह मुद्दा धीरे धीरे खत्म हो जायेगा।

गहलोत ने कहा, ‘‘यह धरना किसानों के लिए संदेश है कि पूरा देश पूरा प्रदेश, तमाम कार्यकर्ता आपके साथ एकजुट हैं। आपके संघर्ष में हम साथ हैं और जब आप आहृवान करोगो तो बार्डर पर साथ आ जायेंगे… गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि कोई नहीं आयेगा.. अभी हमने रोक रखा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एकजुटता दिखाने के लिये सात दिनों तक हमारे विधायक अपने-अपने क्षेत्रो में जायेंगे और लगातार किसानों से वार्तालाप करेंगे और सरकार ने जो कहा वो बतायेंगे।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘हमने तीनों विधेयकों में संशोधन किये… पता नहीं राज्यपाल पर क्या दबाव है वो भेज नहीं रहे है केन्द्र को और यहीं कारण था कि आंदोलन शुरू हुए। अगर मोदी जी बिल पास करने के पहले बात सुन लेते सबकी तो यह नौबत नहीं आती देश के अंदर।’’

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों पर ध्यान नहीं दे रही है क्योंकि सरकार बड़े उद्योगपतियों को लाभ देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राजग सरकार को अपने पिछले कार्यकाल में भूमि अधिग्रहण विधेयक को विरोध के चलते वापस लेना पड़ा था और उसी तरह सरकार को इन कृषि कानूनों को वापस लेना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों को तब तक समर्थन देती रहेगी जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘केन्द्र की सरकार को समझना चाहिए कि सरकार यदि कोई निर्णय वापस लेती है तो कोई हार नहीं है। कोई लज्जा वाली बात नहीं है… संशोधन करना, रोलबैक कर लेना, कानून वापस कर लेना, माफी मांग लेना यह नेता का कद बढाता है। हम धन्यवाद करेंगे केन्द्र सरकार का यदि वापस लेते है वो लेकिन लेने वाले इसलिये नहीं है क्योंकि जिद अड़ गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम सब मिलकर यदि किसान के हित की बात करते हैं तो वह असली राष्ट्रवाद है… ये जो झूठे नेकर पहनकर भाषण देते है नागपुर से वो राष्ट्रवाद नहीं है… आप लव जिहाद के कानून बना रहे हो, आप शादी ब्याह पर चर्चा कर रहे हो और किसान के भविष्य को अंधेरे में धकेल रहे हो… इतिहास गवाह है इस देश में अधिकांश किसाना नेता कांग्रेस पार्टी से और कुछ ओर पार्टी से हुए… लेकिन भाजपा से किसान नाम की चीज आज तक नहीं हुई।’’

भाषा कुंज अर्पणा

अर्पणा

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