पाकिस्तान के शिया हाजरा समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन बंद किया, मारे गये खनिकों का किया अंतिम संस्कार

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, नौ जनवरी (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा मिलने का आश्वासन दिये के बाद अल्पसंख्यक शिया हाजरा समुदाय के सदस्यों ने शनिवार को अपना प्रदर्शन खत्म कर लिया और इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के हमले में मारे गये 11 कोयला खनिकों के शवों को दफना दिया।

अशांत बलूचिस्तान प्रांत के माच इलाके में पिछले शनिवार को शिया हाजरा समुदाय के खनिकों को अगवा करने के बाद इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।

इस घटना के बाद प्रांत की राजधानी क्वेटा के वेस्टर्न बाइपास इलाके में उनके रिश्तेदार एवं समुदाय के सैंकड़ों अन्य लोग भयंकर ठंड में शवों के ताबूत के साथ धरने पर बैठ गये थे और मांग करने लगे कि जबतक प्रधानमंत्री रक्षा का आश्वासन देने के लिए व्यक्तिगत रूप से उनके पास नहीं आते तबतक वे शव को नहीं दफनायेंगे।

हालांकि खान ने शुक्रवार को जब यह कहा कि जबतक शव दफना नहीं दिये जाते तबतक वह प्रदर्शनकारियों के ब्लैकमेल में नहीं आयेंगे और उनसे मिलने नहीं जायेंगे, तब विवाद खड़ा हो गया।

खान के बयान पर देश में तीखी प्रतिक्रिया आयी और इन परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए मनाने एवं विवाद पर पूर्ण विराम के लिए सरकारी प्रयास शुरू किये।

अधिकारियों ने कहा कि जब बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमाल खान दूसरी बार प्रदर्शनकारियों से मिलने गये और उन्होंने उनकी मांग मान ली एवं और उनसे कहा कि प्रधानमंत्री ने शीघ्र ही उनसे मिलने की योजना बनायी है तब गतिरोध समाप्त हुआ।

शुहादा एक्शन कमिटी और मजलिस वाहदात-ए-मुस्लिमीन ने धरना खत्म करने की घोषणा की।

समझौते के अनुसार सरकार माच घटना में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध कार्रवाई करेगी। बलूचिस्तान सरकार मारे गये व्यक्ति के परिवारों को 15-15 लाख रूपये का मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देगी।

सूत्रों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने इसलिए धरना खत्म कर लिया क्योंकि उन्हें बताया गया कि सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के शनिवार को क्वेटा की यात्रा करने की संभावना है।

भाषा

राजकुमार उमा

उमा

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