Pakistan Update: छोटे भाई ने बड़े भाई को दिया तोहफा, पूर्व पीएम नवाज शरीफ के स्वदेश लौटने का जारी किया पासपोर्ट

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को ब्रिटेन से स्वदेश लौटने के लिए पासपोर्ट जारी किया गया है, जहां वह अपना इलाज करा रहे थे। यह जानकारी सोमवार को मीडिया में आई एक खबर से मिली। 72 वर्षीय नवाज तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। उनके खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के कई मामले शुरू किए गए थे। नवाज नवंबर 2019 में लाहौर उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें इलाज के वास्ते चार सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दिए जाने के बाद लंदन रवाना हुए थे।

समाचार पत्र ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने बताया कि नवाज को उनके छोटे भाई एवं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली नयी सरकार द्वारा पासपोर्ट जारी किया गया है। पिछले साल, उनके पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो गई थी और इमरान के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार द्वारा इसे कभी भी नवीनीकृत नहीं किया गया था, जिससे उनके लिए लंदन छोड़ना असंभव हो गया था।‘जियो न्यूज’ ने बताया कि नवाज शरीफ को जारी किए गए पासपोर्ट की प्रकृति ‘साधारण’ है और इसे ‘तत्काल’ श्रेणी में बनाया गया है। पासपोर्ट इस्लामाबाद में 23 अप्रैल 2022 को जारी किया गया।

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने बताया कि गृह मंत्रालय के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री को 10 साल की वैधता वाला पासपोर्ट जारी किया गया है। आंतरिक मामलों के मंत्री राणा सनाउल्लाह ने मंगलवार को कहा था कि राजनयिक पासपोर्ट नवाज शरीफ का अधिकार है और उन्हें जल्द ही जारी किया जाएगा। राणा ने कहा था, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक व्यक्ति जो तीन बार प्रधानमंत्री रहा है, उसे राष्ट्रीय नागरिकता से वंचित किया जा रहा है।’’ नवाज पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते लंदन में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी से मुलाकात की थी और पाकिस्तान की ‘समग्र राजनीतिक स्थिति’ पर चर्चा की थी।

दोनों नेताओं ने राजनीति और राष्ट्रीय हित से संबंधित कई मुद्दों पर एक साथ काम करने का संकल्प जताया था। नवाज ने 2019 में ब्रिटेन जाने से पहले लाहौर उच्च न्यायालय को पाकिस्तान लौटने का वचन दिया था। उन्हें अल-अजीजिया मिल्स भ्रष्टाचार मामले में भी जमानत दी गई थी, जिसमें वह लाहौर की उच्च सुरक्षा वाली कोट लखपत जेल में सात साल की कैद की सजा काट रहे थे।

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