Panna Tiger Reserve: पन्ना टाइगर रिजर्व में 1 साल बाद आए नन्हें मेहमान, बाघिन P141 के 4 शावकों को देख बन जाएगा आपका दिन

Panna Tiger Reserve: पन्ना टाइगर रिजर्व में 1 साल बाद आए नन्हें मेहमान, बाघिन P141 के 4 शावकों को देख बन जाएगा दिन

Panna Tiger Reserve: पन्ना टाइगर रिजर्व में 1 साल बाद आए नन्हें मेहमान, बाघिन P141 के 4 शावकों को देख बन जाएगा आपका दिन

Panna Tiger Reserve: पन्ना टाइगर रिजर्व में 1 साल बाद खुशियां आईं हैं। यहां बाघिन पी-141 (Tigress P-141) ने चार शावकों को जन्म दिया है। पन्ना पहुंचे पर्यटकों को बाघिन के साथ नन्हें शावकों का दीदार हुआ जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। नन्हें शावक अपनी मां के साथ चलते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। पर्यटकों ने इसके वीडियो ओर फोटो भी साझा किए हैं। इसके बाद प्रबंधन ने पुष्टि की और बताया की यह बहुत ही सुखद खबर है।

पन्ना में बढ़ा बाघों का कुनबा

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बता दें कि पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) में बाघों के लिए अनुकूल वातावरण है। यही वजह है कि यहां लगातार इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। अब यहां बाघों की संख्या 90 के पार पहुंच गई है। पन्ना टाइगर रिजर्व 2008-09 में बाघ विहीन हो चुका था, इसके बाद पुनर्स्थापना कर कान्हा से और पेंच से यहां बाघ बाघिन लाए गए। जिसके बाद 15 सालों में यह संख्या अब शतक के करीब पहुंच गई है।

बाघों के अलावा, तेंदुए, घड़ियाल भी बढ़े

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केवल पन्ना ही नहीं पूरे प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में बाघों की संख्या बढ़ (Tiger In MP) रही है। मध्य प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा बाघ हैं। बाघों के अलावा, तेंदुए, घड़ियाल, चीता, भेड़िए और गिद्धों की सर्वाधिक संख्या के लिए भी प्रदेश पहचाना जाता है। टाइगरों की बढ़ती संख्या के चलते एमपी को टाइगर स्टेट भी कहा जाता है। राज्य मंत्री वन दिलीप अहिरवार ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण और कानूनों की जागरूकता में वन्य जीव सप्ताह की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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