Panna Bus Accident: कोर्ट ने ड्राइवर को सुनाई 190 साल की सजा, जानिए उस हादसे की पूरी कहानी

Panna Bus Accident: कोर्ट ने ड्राइवर को सुनाई 190 साल की सजा, जानिए उस हादसे की पूरी कहानी

Panna Bus Accident

Panna Bus Accident: छह साल पहले पन्ना में हुए बस हादसे को लेकर अदालत ने सजा सुनाई है। जिला कोर्ट ने हादसे में चालक को 190 साल और बस मालिक को दस साल कारावास की सजा का आदेश दिया है। बता दें कि 4 मई 2015 को मंडला घाटी में नेशनल हाईवे पर पांडवा फॉल के पास एक बस कई फीट नीचे गिर कर पलट गई थी और इस बस हादसे में 22 लोगों की जलकर मौत हो गई थी।

सतना जा रही थी बस

मालूम हो कि 32 सीटों वाली ये बस 4 मई 2015 को करीब 12 बजकर 40 मिनट पर छतरपुर से रवाना हुई थी जिसे सतना जाना था। लेकिन दोपहर के करीब दो बजे बस जब पांडा फॉल पहुंची तो एक पुलिया के पास अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। खाई में गिरते ही बस में आग लग गई। हादसा इतना भयावह था कि बस में फंसे चंद यात्री ही बाहर निकल पाए थे। जबकि 22 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। तब मुख्यमंत्री ने इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे।

मृतकों की पहचान नहीं हो पाई थी

पुलिस ने इस मामाले में बस मालिक ज्ञानेंद्र पांडेय और ड्राइवर शम्सुद्दीन उर्फ जगदम्बे के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 304 ए, 338, 304/2 और 287 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 182, 183, 184 और 191 के तहत पुलिस ने अपराधिक मामला दर्ज किया था। इस हादसे में मृतकों की पहचान भी नहीं हो पा रही थी। क्योंकि वे इतने जल गए थे कि उन्हें पहचानना मुश्किल था। ऐसे तब डीएनए टेस्ट से मृतकों की पहचान करने की बात समाने आई थी। हादसे के बाद बस का डीजल टैंक फट गया था जिसके बाद आग तेजी से फैली थी

तेज रफ्तार से बस चला रहा था ड्राइवर

तब इस हादसे को लेकर पूरा देश गमगीन हो गया था। पीएम मोदी ने भी तब ट्विट कर अपनी संवेदना प्रकट की थी। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी कपिल व्यास के अनुसार बस जैसे ही मंडला के आगे पहुंची थी, चालक उसे तेज रफ्तार से लापरवाहीपूर्वक चलाने लगा था। यात्रियों ने उससे बस धीरे चलाने को भी कहा था, लेकिन वो नहीं माना था। जब बस पलटी तो लोगों को पास इतना मौका नहीं था कि वो बाहर निकल पाएं।

कोर्ट ने सुनाई सजा

मालूम हो कि घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारी सबसे पहले वहां पहुंचे थे। उन्होंने लोगों को निकालने की कोशिश भी की थी, लेकिन आग ज्यादा होने के कारण वे कुछ नहीं कर सके थे। अब इस प्रकरण में सुनवाई करते हुए न्यायाधीश, पन्ना आर.पी.सोनकर ने ड्राइवर मोहम्मद समसुद्दीन और बस मालिक ज्ञानेंद्र पांडेय को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने बस मालिक को 10 साल की सजा और ड्राइवर 190 साल की सजा सुनाई है। ड्राइवर को ये सजा विभिन्न धाराओं में 10-10 साल करते हुए 190 साल की सजा सुनाई गई है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password