Panic Button : क्या होता है पैनिक बटन, कैसे करता है काम, महिलाओं के लिए क्यों जरूरी

Panic Button : क्या होता है पैनिक बटन, कैसे करता है काम, महिलाओं के लिए क्यों जरूरी

देशभर में छेड़खानी, दुष्कर्म, लूटपाट, चेन स्नैचिंग की घटनाओं की खबरें आती रही है, ऐसी घटनाएं खास तौर पर महिलाओं के साथ होती आई है। वही राज्य सरकारों के लिए भी इन्हें रोकना चुनौतीपूर्ण रहा है। हालांकि, टेक्नोलॉजी की मदद से ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। आज हम आपको ऐसी ही टेक्नोलॉजी के बारे में बता रहे हैं। हम जिस डिवाइस (Panic Button) की बात कर रहे है उसे पैनिक बटन (Panic Button) कहा जाता है, क्या होता है पैनिक बटन, कैसे करता है ये काम आइए जानते है…

क्या होता है पैनिक बटन (Panic Button) ?

सबसे पहले हम जान लेते है कि पैनिक बटन (Panic Button) का मतलब क्या होता है ? पैनिक (Panic Button) का मतलब होता है घबराहट। इसका मतलब हुआ जब आप किसी ऐसी स्थिति में है जहा आप को हेल्प करने के लिए कोई नही है। पैनिक बटन (Panic Button) का मतलब आप समझ गए होगे की जब हमे कोई मुश्किल आए जहां कोई ना हो और आप को हेल्प लेना हो तभी उसका उपयोग कर सकते है। बटन दबाते ही इसकी सूचना उनके अभिभावकों के फोन और पुलिस तक पहुंच जाएगी। और ट्रैक कर लिया जाएगा कि वाहन अभी कहां है। इस तरह किसी घटना को होने से पहले ही रोका जा सकेगा।

कैसे का करता है पैनिक बटन (Panic Button) ?

राह चलते हुए यदि आपको किसी के पीछा करने का शक होता है या कोई दूसरी समस्या आती है तो वाहन में लगे पैनिक बटन (Panic Button) को दबाना होगा। बटन दबते ही आपकी लाइव लोकेशन, आवाज और वाहन की डिटेल पुलिस और घर वालों तक पहुंच जाएगी। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम उस लोकेशन की सूचना उस क्षेत्र में मौजूद PRV 100 को देगा। PRV उस लोकेशन को ट्रैक करते हुए घटना स्थल पर पहुंच जाएगी। इस इनोवेशन का परीक्षण उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग के अधिकारियों के समक्ष किया जा चुका है।

किसने बनाया पैनिक बटन (Panic Button) ?

सुल्तानपुर के रहने वाले इनोवेटर राधेश्याम पांडेय ने पैनिक बटन (Panic Button) बनाया है। यह दोपहिया वाहन के हैंडल में लग जाता है। अगर वाहन चलाने वाला व्यक्ति खासतौर से बुजुर्ग और महिलाओं को किसी तरह के खतरे का अंदेशा होता है तो वे इस बटन (Panic Button) को दबा सकते हैं। किसी तरह की दुर्घटना की स्थिति में भी लोकेशन का पता चल जाने से वाहन चालक के घर वालों और पुलिस को पीड़ित तक पहुंचना आसान हो जाता है। इस इनोवेशन का परीक्षण हो चुका है। मंजूरी मिलते ही इसे पुलिस की सेवाओं से जोड़कर आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

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