Panchak Date Rules 2022 : आज से 5 दिन हैं खतरनाक, भूलकर भी न करें ये काम

नई दिल्‍ली। नए साल के 4 दिन Panchak Date Rules 2022 बीत चुके हैं। 10 दिन बार मकर संक्रांति से त्योहारों की झड़ी शुरू हो चुकी है। लेकिन इसके पहले शुरू हो रही हैं साल की पहली पंचक। साल 2022 के पहले पंचक आज यानी कि 5 जनवरी, बुधवार की शाम 7 बजे से शुरू हो रहे हैं। जो 10 जनवरी की सुबह 8 बजे तक चलेंगे।
पंचक एक ऐसा काल होता है जब कुछ विशेष कामों की मनाही होती है। पंचक पांच दिन के होते हैं इस दौरान शुभ कामों की मनाही होती है। कोई भी शुभ काम हो, उसे करने से पहले हम मुहूर्त जरूर देखते हैं। हिन्दू धर्म में पंचक का भी बहुत महत्व है।
ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस दौरान सभी प्रकार के कार्य करना वर्जित है। कोई भी कार्य करने से पहले पंचक जरूर देखा जाता है। तो आइए हम आपको बताते हैं कि साल 2022 के आखिरी पंचक कब लग रहे हैं। इनका महत्व क्या होता है। ज्योतिष का अभिन्न अंग माने जाने वाले पंचांग में पंचक को मांगलिक कार्य के लिए शुभ नहीं मानते हैं। जिसमें कुछेक कार्यों को करने के लिए विशेष रूप से मनाही होती है। आइए पंचक के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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आखिर क्या होते हैं पंचक —
ज्योतिष में कुछ नक्षत्रों को अत्यंत अशुभ मानते हुए उसमें कोई भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं की जाती है। ज्योतिष के अनुसार धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद एवं रेवती समेत पांच नक्षत्रों की युति अत्यंत ही अशुभ मानी जाती है। ज्योतिष के अनुसार कुंभ और मीन राशि में चंद्रमा को गोचर पंचक कहलाता है। ऐसा माना जाता है कि पंचकों में घर के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार को भी मृत्यु तुल्य कष्ट को भोगना पड़ता है। रावण की मृत्‍यु भी पंचक काल में हुई थी। मान्‍यता है कि यदि किसी व्‍यक्ति की मृत्‍यु पंचक में हो जाए तो उसके खानदान के 5 सदस्‍यों की या तो मृत्‍यु हो जाती है या उन्‍हें मृत्‍यु जैसा कष्‍ट भुगतना पड़ता है। ज्योतिष पंडित राम गोविन्द शास्त्री के अनुसार पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्य भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

ram govind shashtri

पंचक से जुड़े जरूरी नियम –

  • पंचक के समय लकड़ी या फिर लकड़ी से बने सामान को खरीदना या घर पर बनवाना नहीं चाहिए।
  • पंचक में चारपाई बुनवाने और घर की छत ढलवाने की भी विशेष रूप से मनाही है।
  • पंचक के दौरान यदि बहुत जरूरी न हो तो दक्षिण दिशा की यात्रा भूलकर नहीं करवाना चाहिए। दरअसल, दक्षिण को यम की दिशा माना गया है।
  • इसी प्रकार पंचक के समय घर की पेंटिंग का कार्य नहीं शुरु करना चाहिए।
  • यदि ये कार्य करवाने हों तो आप पंचांग की मदद से पंचक की जानकारी लेकर आगे–पीछे करवा सकते हैं।
  • पंचक के दौरान किसी परिजन की मृत्‍यु हो जाए तो उसका अंतिम संस्‍कार खास विधि से करना चाहिए. उसके साथ 4 मोतिचूर के लड्डू या नारियल रख देना चाहिए। इससे परिवार का संकट टल जाता है।

नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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