Panchank: सावधान! 22 अप्रैल से पांच दिन क्यों रहना है सतर्क, इन नक्षत्रों का संयोग अच्छे नहीं संकेत

Panchak April 2025 Start End Date: सावधान! 22 अप्रैल से पांच दिन क्यों रहना है सतर्क, इन नक्षत्रों का संयोग अच्छे नहीं संकेत panchak-april-2025-agni-panchak-start-end-date-effect-agni-panchak-kya-hote-hai-do-donts-effect-astrology-hindi-news-pds

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Panchak April 2025 Effect: हर महीने की तरह इस महीने भी ग्रहों की चाल में पंचकों का साया आने वाला है। इस दौरान कुछ कामों को वर्जित माना जाता है।

ऐसे में चलिए जानते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री से कि अप्रैल में पंचक (April Panchak 2025) कब से शुरू हो रहे हैं।

इनकी समाप्ति कब होगी। इस दौरान शुभ काम करने को लेकर ज्योतिष शास्त्र (Jyotish Shastra) क्या क​हता है। इस बार अप्रैल में कौन से पंचक आ रहे हैं, इनका क्या असर होगा।

अप्रैल में पंचक कब से कब तक हैं (March) 

हिन्दू पंचांग के अनुसार अप्रैल में पंचक  22 अप्रैल की रात  7:22 मिनट से शुरू हो रहे हैं। जो साढ़े चार दिन तक चलेंगे। इसकी समाप्ति 26 अप्रैल के दिन होगी।

अप्रैल में कौन से पंचक आएंगे

हिन्दू पंचांग के अनुसार जब पंचकों की मंगलवार को पड़े तो इसे अग्नि पंचक (Agni Panchak) कहते हैं। इस बार अप्रैल में पंचक 22 अप्रैल मंगलवार से होंगे।

इतने दिन में रिपीट होते हैं पंचक

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार पंचक 23 दिन में रिपीट होते हैं। यानी 23 दिन बाद जब साढ़े चार नक्षत्रों की चाल बदलती है तो इस दौरा न पंचक शुरू होते हैं।

पंचक कब शुरू होते हैं

हिन्दू धर्म और ज्योतिष के अनुसार पंचांग में जब धनिष्ठा नक्षत्र आधा निकल जाता तब पंचक शुरू होते हैं। यानी धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण से पंचकों की शुरुआत होती है और इसकी समाप्ति रेवती नक्षत्र पर होती है। साढ़े चार नक्षत्र मिलाकर एक पंचक का निर्माण करते हैं।

पंचक कितने तरह के होते हैं (Type of Panchak)

पंचकों मुख्य रूप से पांच तरह के होते है। ​इसमें रोग पंचक, राज पंचक, अग्नि पंचक, चोर पंचक, मृत्यु पंचक शामिल हैं।

क्या होते हैं रोग पंचक (Rog Panchak)

यदि पंचक रविवार को पड़े तो उसे रोग पंचक कहा जाता है।

क्या होते हैं राज पंचक (Raj Panchak)

जब पंचक सोमवार को पड़े तो इसे राज पंचक (Raj Panchak) कहते हैं।

क्या होते हैं अग्नि पंचक (Agni Panchak)

जब पंचक मंगलवार को पड़े तो इसे अग्नि पंचक (Agni Panchak) कहते हैं।

क्या होते हैं चोर पंचक (Chor Panchak)

जब पंचक शुक्रवार को पड़े तो इसे चोर पंचक (Chor Panchak) कहते हैं।

क्या होते हैं मृत्यु पंचक

जब पंचक शनिवार के दिन पड़े तो इसे मृत्यु पंचक (Mrityu Panchak) कहते हैं। बुधवार और गुरुवार को पड़ने वाले पंचकों को सोमवार और मंगलवार के पंचक के समान माना जाता है।

पंचक में क्या नहीं करना चाहिए

ऐसा माना जाता है पंचकों में कोई भी शुभ काम नहीं करना (Panchak me Kya nahi Karna Chahiye) चाहिए। पंचक में लकड़ी या लकड़ी का सामान घर नहीं लाना चाहिए। इस दौरान चारपाई बुनवाना भी वर्जित माना गया है। इस दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करना वर्जित है। साथ ही घर को भी इस दौरान रंगरोगन और पेंट नहीं कराना चाहिए।

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नोट:  इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचनाओं पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले से विशेषज्ञ की सलाह ले लें।

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