Panchak 2023: क्या कहलाते हैं "चोर_पंचक", कल से हो रहे हैं शुरू, फूंक-फूंक कर रखना होगा कदम

June Chor Panchak 2023: जून में पंचक कल यानि 9 जून से शुरू हो रहे हैं। इस बार के पंचक "चोर_पंचक" हैं। इनके शुरू होने का समय क्या है।

Panchak 2023: क्या कहलाते हैं

panchak

नई दिल्ली। Chor Panchak 2023: हिन्दूधर्म में पंचक का बड़ा महत्व होता है। किसी भी शुभ काम की शुरूआत इसमें करना वर्जित है। जून में पंचक कल यानि 9 जून से शुरू हो रहे हैं। इस बार के पंचक "चोर_पंचक" हैं। पर क्या आप जानते हैं चोर पंचक क्या होते हैं। यदि नहीं तो चलिए जानते हैं पंडित राम गोविंद शास्त्री से कि इनके शुरू होने का समय क्या है।

जून में कब से शुरू हो रहे हैं चोर पंचक june me kub se shuru honge chor panchak 

पंडित राम गोविंद शास्त्री के अनुसार चोर पंचक 9 जून को सुबह 9:36 मिनट से शुरू हो रहे हैं। जो पांच दिन तक चलेंगे। इनकी समाप्ति 13 जून को दोपहर 3:32 पर होगी।

पंचक में क्या नहीं करना चाहिए panchak-2023-

जिस पंचक के दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने की मनाही है। उसमें पांच कार्य भूलकर भी नहीं किए जाने चाहिए। पंचक में लकड़ी घर में लाना या फिर उससे बने सामान खरीदना। चारपाई बुनना, घर की छत ढलवाना, दक्षिण दिशा की यात्रा करना और घर को पेंट आदि करवाना सख्त मना है।

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पंचक के उपाय क्या हैं? - panchak-2023

हिंदू धर्म में किसी मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार के समय पंचक पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यदि किसी की मृत्यु पंचक के दौरान होती है तो इस दोष को दूर करने के लिए बाकायदा शांति कराई जाती है। इसके लिए शव के साथ आटे से बने पांच पुतले अर्थी पर रखकर पूरे विधि.विधान के साथ अंतिम संस्कार किया जाता है। मान्यता है कि इस उपाय को करने से पंचक दोष दूर हो जाता है।

पंचक से जुड़े जरूरी नियम - chor Panchak 2023

  • पंचक के समय लकड़ी या फिर लकड़ी से बने सामान को खरीदना या घर पर बनवाना नहीं चाहिए।
  • पंचक में चारपाई बुनवाने और घर की छत ढलवाने की भी विशेष रूप से मनाही है।
  • पंचक के दौरान यदि बहुत जरूरी न हो तो दक्षिण दिशा की यात्रा भूलकर नहीं करवाना चाहिए। दरअसल, दक्षिण को यम की दिशा माना गया है।
  • इसी प्रकार पंचक के समय घर की पेंटिंग का कार्य नहीं शुरु करना चाहिए।यदि ये कार्य करवाने हों तो आप पंचांग की मदद से पंचक की जानकारी लेकर आगे–पीछे करवा सकते हैं।
  • पंचक के दौरान किसी परिजन की मृत्‍यु हो जाए तो उसका अंतिम संस्‍कार खास विधि से करना चाहिए। उसके साथ 4 मोतिचूर के लड्डू या नारियल रख देना चाहिए। इससे परिवार का संकट टल जाता है।

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आखिर क्या होते हैं पंचक - Panchak kya hote hai

ज्योतिष में कुछ नक्षत्रों को अत्यंत अशुभ मानते हुए उसमें कोई भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं की जाती है। ज्योतिष के अनुसार धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद एवं रेवती समेत पांच नक्षत्रों की युति अत्यंत ही अशुभ मानी जाती है। ज्योतिष के अनुसार कुंभ और मीन राशि में चंद्रमा को गोचर पंचक कहलाता है। ऐसा माना जाता है कि पंचकों में घर के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार को भी मृत्यु तुल्य कष्ट को भोगना पड़ता है।

रावण की मृत्‍यु भी पंचक काल में हुई थी। मान्‍यता है कि यदि किसी व्‍यक्ति की मृत्‍यु पंचक में हो जाए तो उसके खानदान के 5 सदस्‍यों की या तो मृत्‍यु हो जाती है या उन्‍हें मृत्‍यु जैसा कष्‍ट भुगतना पड़ता है। ज्योतिष पंडित राम गोविन्द शास्त्री के अनुसार पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्य भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

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क्या कहलाते हैं पंचक - panchak kya kahlate hai 

आपको बता दें शुभ कामों के लिए जब मुहर्त देखे जाते हैं उनमें पंचक भी शामिल हैं। पंचक वह समय है चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि में होने के दौरान लगता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान किए गए कार्य का प्रभाव पांच गुना बढ़ जाता है। इसलिए इस दौरान किए गए दुष्प्रभाव से बचने के लिए पंचक कोई भी शुभ कार्य करने से बचने के लिए सलाह दी जाती है।

कितने प्रकार का होता है पंचक  panchak kitne prakar ke hote hai 

पंचांग के अनुसार यदि पंचक रविवार को पड़े तो रोग पंचक और सोमवार को पड़े तो राज पंचक कहलाता है। इसी प्रकार यदि पंचक मंगलवार को पड़े तो अग्नि पंचक और शुक्रवार को पड़े तो चोर पंचक कहलाता है। जबकि शनिवार के दिन पड़े वाले पंकच को मृत्यु पंचक कहा जाता है। इसके अलावा बुधवार और गुरुवार को सोमवार और मंगलवार के पंचक को माना जा सकता है।

पंचक में कौन से काम नहीं करना चाहिए - panchak me kya nahi karna chahiye

पंचक काल को अशुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस दौरान रोग, राज, अग्नि, चोर और मृत्यु नामक दोष सक्रिय हो जाते हैं। यही कारण है कि चोर पंचक chor Panchak 2023 में घर में लकड़ी लाना बेहद अशुभ माना जाता है। इतना ही नहीं इसी के चलते इस दौरान चारपाई बुनना, घर की छत डालना, घर में रंग रोगन करना, दक्षिण दिशा की ओर सैर करना शुभ नहीं होता है। साथ ही नए कपड़े या घर के लिए कोई नई वस्तुएं भी नहीं खरीदी जाती है।

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नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

चोर_पंचक

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