Pakiatan sazish Against india: फिर पाकिस्तान ने शुरू की भारत के खिलाफ साज़िश,खुफिया एजेंसी ने कहा ले रहा अमेरिका की मदद

Pakiatan sazish Against india

bhopal: कुत्ते की पूंछ कितना भी पोंगड़ी में डालो सीधी नहीं होती। आपको पता है बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक (Balakot Airstrike) का सदमा पाकिस्तान अभी तक भुला नहीं सका है। भारत ने 25 फरवरी 2019 को बालाकोट पर ताबड़तोड़ अटैक किया था, लेकिन पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को इसकी भनक तक नहीं लगी थी। पाकिस्तान इस सदमे से अभी तक उबरा नहीं है। यही कारण है कि संबंध खराब होने के बावजूद उसने अमेरिका से मल्टीरोल रडार सिस्टम TPS-77 की डील की है। Pakiatan sazish Against india

 खुफिया एजेंसी का खुलासा

भारतीय खुफिया एजेंसी को इस बात की पक्की खबर है कि पाकिस्तान ने अमेरिका से ऐसे 13 मल्टीरोल रडार की डील की है जिनमें 8 पाकिस्तान में आ भी चुके हैं। इन सबको भारतीय एयरक्राफ्ट को ट्रैक करने के लिए तैनात भी कर दिया गया है। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए चीन से भी रडार की मांग की है।Pakiatan sazish Against india

रडार सिस्टम कर रहा है तैनात 
इन 13 रडार सिस्टम में से अब तक 8 सिस्टम पाकिस्तान को मिल चुके हैं जिसमें से 7 को तैनात भी कर दिया गया है। जिनमें एक-एक रडार लद्दाख के दूसरी ओर पीओके के देओसई (deosai) में, पीओके के मीरपुर के मंगला (Mangla) में, करतारपुर के क़रीब पसरूर ( PASRUR) में, पंजाब फ़िरोज़पुर के दूसरी ओर पाकिस्तानी पंजाब के चुनियान (chunian) में, कराची के पास भोलारी ( bholari) में, भुज के दूसरी ओर बदिन (badin) में और जैसलमेर के दूसरी ओर पानो अकील (pano aqil ) में तैनात किया है जबकि 8वां रडार बहावलपुर में स्थापित करने की तैयारी है। खुफ़िया रिपोर्ट के मुताबिक बाकी बचे 5 रडार को तैनात करने के लिए भी लोकेशन तय की जा रही हैं, जिनमें खैबर पख़्तूनख्वा के नौशेरा ज़िले का चेरत भी शामिल है। ख़ास बात तो ये है कि ये सारे रडार सिस्टम पीओके और भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर के इलाक़ों में तैनात किए गए हैं ताकि भारत की तरफ से आने फाइटर को डिटेक्ट कर सकें।Pakiatan sazish Against india

इसका नया रडार खतरा बन सकता है
अगर हम इस रडार सिस्टम की बात करें तो TPS-77 एक लॉन्ग रेंज ग्राउंड बेस्ड एयर सर्च रडार सिस्टम है। इस रडार की अधिकतम रेंज 500 किलोमीटर बताई जा रही है और ये 300 किलोमीटर दूर से ही किसी भी फाइटर एयरक्रफ्ट को डिटेक्ट कर सकता है। वहीं लो लेवल फ़्लाई करने वाले किसी भी फाइटर को ये 200 से 150 किलोमीटर दूर से भी डिटेक्ट कर सकता है। इस रडार सिस्टम को लेकर दावा किया जाता है कि ये दुनिया का इकलौता रडार है जो कि वैली के ज़रिए आने वाले फाइटरों को भी आसानी से पकड़ सकता है। दरअसल कभी कभी एयर स्ट्राइक मिशन पर फाइटर फ़ार्मेशन में निकलते हैं तो कोशिश ये ही रहती है दुश्मन के रडार से बचते हुए पहाड़ों की घाटियों से लो फ्लाइंग करते हुए निकला जाए। ये दावा किया जा रहा है कि ये रडार इस तरह के फाइटर मूवमेंट को भी ट्रैक कर सकता है।Pakiatan sazish Against india

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