Padmanabhaswamy Temple: भारत के सबसे रहस्यमय मंदिर की कहानी, क्या है इसके 7वें दरवाजे का रहस्य

Padmanabhaswamy Temple

नई दिल्ली। आज हम स्टोरी ऑफ द डे में बात करने वाले हैं भारत के सबसे रहस्यमयी मंदिर पद्मनाभस्वामी (padmanabhaswamy temple) के बारे में। आपने कभी न कभी इस मंदिर के बारे में जरूर सुना होगा। साल 2011 में जब इसके 6 दरवाजों को खोला गया था, तो उसमें बेशुमार खजाने की प्राप्ति हुई थी। हालांकि, तब सातवें दरवाजे के खुलने को लेकर काफी विवाद हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस दौरान मामले में दखल देते हुए सातवें दरवाजे को खोलने पर रोक लगा दी थी।

कहा जाता है कि पिछले 6 दरवाजों को खोलने पर जितना खजाना निकला था। उससे भी कभी अधिक खजाना सातवें दरवाजे के भीतर मौजूद है। मान्यता है कि पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे को अगर खोला गया, तो कोई अप्रिय घटना घट सकती है। आज हम जानेंगे कि उस दरवाजे के भीतर ऐसा क्या छिपा है जो लोग खोलने नहीं देना चाहते।

त्रावणकोर के राजाओं ने इस मंदिर को बनाया था

दरअसल, भगवान विष्णु को समर्पित ये मंदिर तिरुवनंतपुरम में स्थित है। इसे त्रावणकोर के राजाओं द्वारा बनाया गया था। उस समय त्रावणकोर के राजा भगवान विष्णु के परम भक्त हुआ करते थे। उन्होंने अपनी संपत्ति और सब कुछ भगवान विष्णु के प्रति समर्पित कर दिया था। 1750 में महाराज मार्तेंड वर्मा ने अपने आपको भगवान का दास बताया था। कहा जाता है कि तब से ही इस मंदिर की देखरेख राजघराना कर रहा है।

7वां दरवाजा शापित माना जाता है

जब पद्मनाभस्वामी मंदिर के जब 6 दरवाजों को खोला गया था, उस समय करीब 1 लाख 32 हजार करोड़ का खजाना भारत सरकार को प्राप्त हुआ। वहीं अब तक इस मंदिर के 7वें दरवाजे को खोला नहीं गया है। कहा जाता है कि ये दरवाजा शापित है और इसे एक खास मंत्र के द्वारा ही खोला जा सकता है। सातवें दरवाजे जिसको बोल्ट बी के नाम से भी जाना जाता है। उस पर एक सांप के आकार का चित्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार अगर सातवें दरवाजे को खोला गया तो कई तरह की अशुभ घटनाएं होंगी। कहा जाता है कि एक बार किसी व्यक्ति ने इस दरवाजे को खोलने का प्रयास किया, लेकिन उसी समय उसको जहरीले सांप ने काट लिया था। कई लोगों की मान्यता है कि खजाने की रक्षा सांप करते हैं। इस दरवाजे पर किसी भी प्रकार का ताला नहीं लगा हुआ है।

मंत्र उच्चारण के बाद ही खोला जा सकता है सातवां दरवाजा

मान्यताओं की मानें तो पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे को गरुण मंत्र के उच्चारण करने के बाद ही खोला जा सकता है। यदि मंत्र पढ़ते वक्त पुजारी से कुछ गलती होती है, तो उसी समय उसकी मृत्यु हो जाएगी। इस दरवाजे को कोई सिद्ध पुरुष ही मंत्रोच्चार करके खोल सकता है। हालांकि इस बात का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है कि मंदिर के सातवें दरवाजे के भीतर कितना खजाना छिपा हुआ है। इस वजह से पद्मनाभस्वामी मंदिर का सातवां दरवाजा आज भी रहस्य का विषय बना हुआ है। अब तक इसके राज से पर्दा नहीं उठ पाया है।

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