oximeter: नकली ऑक्सीमीटर और नकली ऐप से रहें सावधान!, ये मरीज के जीवन के साथ कर रहे हैं खिलवाड़

fake oximeter app

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण से जुझ रहे और खास कर होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को, विशेषज्ञ ऑक्सीमीटर इस्तेमाल करने को कहते हैं। ताकि ऑक्सीजन की मात्रा की जांच की जा सके और अगर ऑक्सीजन की कमी है तो समय रहते डॉक्टरी मदद मिल सके। हालांकि बाजार में ऑक्सीमीटर की भारी कमी है। ऐसे में लोग डिवाइस खरीदने की बजाय मोबाइल पर ऑक्सीमीटर ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या यह सुरक्षित है।

बायोमैट्रिक डिटेल तक हो सकती है चोरी

तो बतादें कि, साल 2020 में ही केंद्र सरकार ने ऑक्सीमीटर मोबाइल ऐप को लेकर अलर्ट जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि ऑक्सीमीटर ऐप को डाउनलोड नहीं करना चाहिए। ये ऐप भले ही ऑक्सीजन स्तर की जांच का दावा करते हैं लेकिन ये सच नहीं है। साथ ही इसे डाउनलोड करते ही यूजर की निजी जानकारी समेत, बायोमैट्रिक डिटेल तक चोरी हो सकती है।

ठग आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं

बता दें कि बायोमैट्रिक डिटेल, जिसमें अंगुलियों या अंगूठे का प्रिंट होता है, ये हमारी सबसे खुफिया जानकारियों में से है। इसके चोरी जाने और गलत हाथों में पड़ने पर इसका दुरुपयोग न केवल बैंक से पैसे उड़ाने, बल्कि हमारी पहचान के गलत इस्तेमाल में भी हो सकता है। यानी यूजर केवल एक गलत एप डाउनलोड करने पर भारी मुसीबत में फंस सकता है।

फर्जी मशीन पहले से डले दो-चार रिडिंग्स को ही दिखाते हैं

गौर करने वाली बात ये भी है कि बाजार में ऑक्सीमीटर की भारी मांग के बीच दुकानों में फेक ऑक्सीमीटर भी बिकने लगे हैं। ये बिल्कुल असली की तरह ही दिखते हैं। लेकिन होते नकली हैं। ऐसे में इसे खरीदना मरीज की जान से खिलवाड़ करने जैसा है। क्योंकि ऐप हो या ये फर्जी मशीन, बस पहले से डले दो-चार रीडिंग्स को ही दिखाते हैं। ऐसे में होम आइसोलेशन में रहने वाला मरीज फेक रीडिंग के चलते जान से हाथ धो बैठता है।

सैचुरेशन लेवल 93 से नीचे हो तो अस्पताल में कराएं भर्ती

अगर आप ऑक्सीमीटर लेना चाहते हैं कि पहले किसी जानकार से इसकी पड़ताल कर लें। किसी ब्रांड की ही डिवाइस खरीदें, ताकि कोई गड़बड़ी न हो। इस मशीन को अंगुली में फंसाकर ऑक्सीजन लेवल और प्लस स्टेटस को देखा जा सकता है। एक स्वस्थ व्यक्ति के रक्त में ऑक्सीजन का सैचुरेशन लेवल 95 से 100 के बीच होता है। अगर आपका ऑक्सीजन लेवल 95 फीसदी से कम है तो इसका मतलब है कि आपके फेफड़ों में परेशानी है। अगर ये स्तर 93 या इससे नीचे हो जाए तो मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाना चाहिए।

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