MP: UCC को लेकर औवैसी के दिए बयान पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का पलटवार, कहा- औवेसी कांग्रेस और अंग्रेजों की भाषा बोल रहे हैं

चुनावी साल में एक बार फिर मध्यप्रदेश में UCC का मामला चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल में...

MP: UCC को लेकर औवैसी के दिए बयान पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का पलटवार, कहा- औवेसी कांग्रेस और अंग्रेजों की भाषा बोल रहे हैं

Bhopal: चुनावी साल में एक बार फिर मध्यप्रदेश में UCC का मामला चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल में यूसीसी को लेकर विपक्ष पर जमकर हमला बोला था जिसके बाद राजनीति में यूसीसी को लेकर बहस छिड़ गई है। AIMIM चीफ औवैसी ने कहा कि पीएम मोदी हिंदू सिविल कोड की बात कर रहे हैं। उसको लाना चाह रहे हैं। वहीं, अब गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ओवैसी पर पलटवार किया है।

यह भी पढ़ें... Shajapur News: मक्सी का अनूठा थानापति सरकार मंदिर, भगवान राम के साथ विराजित हुए रामभक्त हनुमान

बाबा साहब सामान नागरिकता कानून के पक्ष में रहे

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने औवेसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि औवेसी कांग्रेस और अंग्रेजों की भाषा बोल रहे हैं। जिस संविधान का वे हवाला दे रहे है उसका निर्माण बाबा साहब ने किया है। बाबा साहब सामान नागरिकता कानून के पक्ष में रहे हैं। ओवैसी महिलाओं के उत्थान के कानून का भी विरोध करते है। यह छद्म मानसिकता है। कश्मीर का मुद्दा आया था तब भी हमने कहा था एक देश एक विधान हो।

वहीं, पीसीसी चीफ कमलनाथ ने समान नागरिक संहिता (UCC) पर जारी सियासत के बीच कहा कि आम जनता के मुद्दे महंगाई, बेरोजगारी है। आम जनता यूसीसी को नहीं समझती है।

यह भी पढ़ें... India Tour Of Ireland: वर्ल्ड कप से पहले आयरलैंड जाएगी टीम इंडिया, सीरीज को लेकर शेड्यूल जारी

क्या है UCC है, जिसको लेकर सियासत गरमाई हुई है?

आपको बता दें कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) एक ऐसा प्रस्ताव है जिसका उद्देश्य कानूनों को धर्म, जाति, पंथ, लिंग के बावजूद सभी के लिए एक समान कानून के साथ बदलना है। यानी यह कानूनों का एक समान सेट होगा जो विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने के संबंध में हर धर्म के व्यक्तिगत कानूनों की जगह लेगा।

UCC का उल्लेख संविधान के भाग 4 में किया गया है, जिसमें कहा गया है "भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।"

UCC का क्या होगा असर ?

UCC लागू होने से पर्सनल लॉ पर संकट आएगा। हलाला, इद्दत जैसी प्रक्रियाओं की अनिवार्यता नहीं होगी। लैंगिक समानता के कानून को बढ़ावा मिलेगा। महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलने लगेगा। इसके साथ ही लिव इन रिलेशनशिप को लेकर कानूनी प्रकियाएं होंगी , गोद लेने के अधिकार में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। इसके अलावा कई अन्य मुद्दों पर समानता देखने को मिलेगी।

यह भी पढ़ें... Ayodhya Solar Boat: सरयू नदी में चलेगी अत्याधुनिक 30 सीटर सोलर बोट, जानें कहां-कहां करवाएगी भ्रमण

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article