Breaking News: "मिशन 2023" की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, कार्यकारिणी से इन पदों को खत्म करने की चर्चा तेज

Breaking News: "मिशन 2023" की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, कार्यकारिणी से इन पदों को खत्म करने की चर्चा तेज Overflow to Inter, working in the light of "2023" talk of fast

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भोपाल। दमोह विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत के बाद से कांग्रेस उत्साह में दिख रही है। पार्टी ने मिशन 2023 के लिए कमर कस ली है। साथ ही संगठन में भी बदलाव की तैयारियां की जा रही हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही कमलनाथ नई कार्यकारिणी की घोषणा कर सकते हैं। वहीं सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह अपने बेटे जयवर्धन सिंह को सत्ता के करीब ले जाना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक इस तैयारी के लिए दिग्विजय सिंह बेहद सतर्क और सावधान हैं।

सूत्रों की मानें तो कहा जा रहा है कि जहां कमलनाथ की कार्यकारिणी घोषित होने की तैयारियां जारी हैं। वहीं दिग्विजय सिंह अपने बेटे जयवर्धन सिंह को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करना चाहते हैं। वहीं जानकारी के मुताबिक कमलनाथ इस पद को खत्म के मूड में हैं। सूत्रों की मानें तो 3 कार्यकारी अध्यक्षों में से दो का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। इसी कारण कमलनाथ इस पद को खत्म करना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कमलनाथ इसी महीने नई कार्यकारिणी घोषित करने वाले हैं।

60 पदाधिकारियों की हो सकती है नियुक्ति

नई कार्यकारिणी में 60 से अधिक पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है। इस कार्यकारिणी में युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो दिग्विजय सिंह की कोशिश है कि जयवर्धन को प्रदेश अध्यक्ष की दावेदारी मिल सके। बता दें कि कांग्रेस ने प्रदेश में मिशन 2023 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। मप्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने हाल ही में बंसल न्यूज से बात करते हुए चुनावी प्लान के बारे में जानकारी दी है। सज्जन सिंह ने कहा कि कांग्रेस 2023 की चुनावी तैयारियों में जुट गई है।

पीसीसी चीफ कमलनाथ के नेतृत्व में यह चुनाव लड़ा जाएगा। साथ ही इसको लेकर जम्बो कार्यकारिणी में भी बदलाव किया जाएगा। सज्जन वर्मा ने बताया कि जम्बो कार्यकारिणी खत्म को छोटा किया जाएगा। साथ ही यूथ कांग्रेस के नेताओं को प्रमोट कर कांग्रेस में लाया जाएगा। सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि कर्यकारिणी में बदलाव किया जाएगा। जो जिलाध्यक्ष 10-10 साल से जमे हैं उन्हें बदला जाएगा। साथ ही प्रदेश कांग्रेस में युवाओं की हिस्सेदारी बढ़ाई जाएगी।

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