कश्मीर में ठंड का प्रकोप बढ़ा, तापमान में आई और गिरावट

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श्रीनगर, 16 जनवरी (भाषा) कश्मीर के कई इलाकों में शनिवार को न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की गई जिससे घाटी में सर्दी का प्रकोप और बढ़ गया है। इसकी वजह से प्रसिद्ध डल झील के साथ-साथ कई इलाकों में पानी के स्रोत जम गए हैं।

श्रीनगर सहित घाटी के कई इलाकों में शनिवार की सुबह घना कोहरा छाया रहा जिससे दृश्यता घट गई।

मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया कि गत रात न्यूनतम तापमान में और गिरावट एवं उसके शून्य से भी कई डिग्री सेल्सियस नीचे चले जाने से शीत लहर का प्रकोप और बढ़ गया है।

उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 8.2 डिग्री नीचे दर्ज किया गया जबकि पिछली रात न्यूनतम तापमान शून्य से 7.6 नीचे दर्ज किया गया था।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान सामान्य से छह डिग्री से अधिक नीचे दर्ज किया गया।

श्रीनगर में बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान शून्य से 8.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया जो वर्ष 1991 के बाद सबसे कम तापमान है।

हाड़ कंपाने वाली सर्दी की वजह से डल झील की सतह जम गई है और अधिकारियों ने लोगों के लिए उसपर नहीं चलने को लेकर परामर्श जारी किया है।

लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और नदी पुलिस जम चुके जलाश्य के आसपास गश्त लगा रहे हैं।

कड़ाके की सर्दी की वजह से केंद्र शासित प्रदेश के कई अन्य जलाश्य भी जम गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में मौसम शुष्क बना हुआ है और शनिवार की सुबह श्रीनगर सहित घाटी के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। हालांकि, बाद में कोहरा छट गया।

तापमान शून्य से नीचे जाने की वजह से पानी की आपूर्ति करने वाली पाइपों में पानी जम गया है जिससे जलापूर्ति में परेशानी आ रही है।

घाटी के कई इलाकों में सड़कों पर बर्फ की मोटी परत जमी हुई है जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हो रही है।

गौरतलब है कि कश्मीर इस समय ‘चिल्लई कलां’ के दौर से गुजर रहा है। यह 40 दिनों की अवधि होती है जब घाटी में कड़ाके की सर्दी पड़ती है। यह अवधि 21 दिसंबर को शुरू हुई और 31 जनवरी तक जारी रहेगी।

भाषा धीरज मानसी

मानसी

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