Farah Khan Birthday: 'बचपन से था डांस और फिल्मों का जुनून, माइकल जैक्सन से मिली थी नई राह, फिर इन गानों से फराह ने बॉलीवुड डांस को बना दिया पॉप-कल्चर

Farah Khan Birthday: जब भी बॉलीवुड डांस को विजुअल्स और कहानी कहने की कला के रूप में देखा जाता है, तो फराह खान का नाम इसमें सबसे पहले लिया जाता है। मशहूर कोरियोग्राफर-निर्देशक फराह खान का बर्थडे है।

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Farah Khan Birthday Special: जब भी बॉलीवुड डांस को विजुअल्स और कहानी कहने की कला के रूप में देखा जाता है, तो फराह खान का नाम इसमें सबसे पहले लिया जाता है। मशहूर कोरियोग्राफर-निर्देशक फराह खान का बर्थडे है। आज वह 61 साल की हो गई हैं। लेकिन आज भी उनका काम उतना ही प्रासंगिक और प्रभावशाली है।

फराह खान का जन्म 9 जनवरी 1965 को एक फिल्मी परिवार में हुआ था। फराह खान के पिता कमरान खान हिंदी सिनेमा में स्टंटमैन थे। वहीं मां मेनका ईरानी, मशहूर अभिनेत्री डेज़ी ईरानी और हनी ईरानी की बहन हैं। हनी ईरानी गीतकार जावेद अख्तर की पहली पत्नी थीं।

कभी ऐशो-आराम था, फिर अचानक बदहाली

फराह का परिवार कभी बेहद खुशहाल हुआ करता था। मुंबई में पांच कमरों का बड़ा घर, कई प्रॉपर्टी, इम्पाला कार और फिल्म इंडस्ट्री मेंअच्छी  पहचान, लेकिन किस्मत ने अचानक ऐसे करवट ली की सब पल भर में पलट गया। बताया जाता है कि, जब फराह महज 5 साल की थीं, तब उनके पिता ने अपनी सारी जमा-पूंजी फिल्म ‘ऐसा भी होता है’ (1971) बनाने में लगा दी। यह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हुई। जिससे परिवार एक झटके में आर्थिक संकट में डूब गया। नुकसान की भरपाई के लिए पिता ने कुछ बी-ग्रेड फिल्में बनाईं, लेकिन किस्मत ऐसी रही की वे भी नहीं चलीं। धीरे-धीरे हालात इतने खराब हो गए कि पहले कारें बिकीं, फिर ज़मीन-जायदाद और फिर गहने। हालात इतने बिगड़ गए की कर्ज चुकाने के लिए घर का फर्नीचर और ग्रामोफोन तक बेचना पड़ा। एक वक्त ऐसा भी आया जब फराह के पिता के अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं थे। बाद में फराह ने खुद बताया कि उन्हें पिता के अंतिम संस्कार का कर्ज चुकाने में 7 साल लग गए।

बचपन से था डांस और फिल्मों का जुनून

घर के हालात भले ही ठीक नहीं रहे हों, लेकिन फराह का फिल्मों और डांस से रिश्ता कभी नहीं टूटा। जब घर में खुशहाली थी, तब 3–4 साल की उम्र में ही मेहमान आते तो फराह हेलेन की तरह तैयार होकर नाचने लगती थीं। उनके घर के आसपास ज़्यादातर संघर्षरत डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और गायक रहते थे। इसलिए बातचीत हमेशा फिल्मों की ही हुआ करती थी। एक दिन मशहूर पहलवान-अभिनेता दारा सिंह उनके घर आए। फराह का डांस देखकर उन्होंने पिता से कहा, कमरान, तुम्हारी बेटी बहुत अच्छा नाचती है, इसे फिल्मों में ले आओ। तब पिता ने सख्ती से जवाब दिया और कहा कभी नहीं। अभी बच्ची है, इसलिए नाचने दे रहा हूं। और सच में, गरीबी ने फराह को नाचने से भी रोक दिया। 

जब ग्रामोफोन बिक गया और संगीत सुनने का साधन नहीं रहा, तो फराह का डांस भी छूट गया। अब उनका मनोरंजन सिर्फ शुक्रवार को सिनेमाघरों में लगने वाली फिल्में ही हुआ करती थीं। कहीं से थोड़े पैसे मिलते तो फराह अपने छोटे भाई साजिद खान के साथ फिल्म देखने चली जाया करती थीं।

माइकल जैक्सन से मिली नई राह

फराह की ज़िंदगी में बड़ा मोड़ तब आया, जब पड़ोसी अभिनेता तेज सप्रू के घर वीडियो कैसेट आए। उन्हीं में से एक कैसेट था  माइकल जैक्सन का ‘थ्रिलर’। फराह रोज़ उनके घर जाकर वीडियो देखतीं और फिर माइकल जैक्सन की नकल करतीं। कुछ ही वक़्त में उन्होंने पूरा डांस कॉपी कर लिया। यहीं से उनके मन में पहली बार यह सपना पैदा हुआ कि डांस ही उनकी पहचान बनेगा। वह पिता से छुपकर घर में प्रैक्टिस करने लगीं। 

फराह खान ने सिर्फ हिट गाने कोरियोग्राफ नहीं किए, बल्कि उन्होंने ऐसे पॉप-कल्चर मोमेंट्स गढ़े, जो दशकों तक दर्शकों की यादों में बसे रहे। उनकी कोरियोग्राफी में क्लासिकल रिदम, स्ट्रीट एनर्जी और सिनेमाई स्केल का अनोखा मेल देखने को मिलता है। जिसने हिंदी सिनेमा के डांस और परफॉर्मेंस की दिशा ही बदल दी। फराह खान के जन्मदिन पर आइए जानते हैं उन 10 आइकॉनिक गानों के बारे में, जिन्होंने बॉलीवुड डांस को हमेशा के लिए बदल दिया।

1. छैंया छैंया – दिल से (1998)

Farah Khan Birthday Special

चलती ट्रेन की छत पर फिल्माया गया यह गाना जोखिम और रिदम का एक दम परफेक्ट मेल था। शाहरुख खान और मलाइका अरोड़ा पर फिल्माया गया यह नंबर सूफी जोश और रॉ एनर्जी के साथ सिनेमाई कोरियोग्राफी का नया पैमाना बना। इस गाने पर आज भी लोग थिरकने को मजबूर हो जाते हैं। 

2. एक पल का जीना – कहो ना… प्यार है (2000)

एक पल का जीना

इस गाने ने ऋतिक रोशन को डांसर और सुपरस्टार दोनों के रूप में पहचान मिली। फराह के शार्प और एथलेटिक स्टेप्स इतने पॉपुलर हुए कि सोशल मीडिया से पहले ही यह गाना ‘वायरल’ बन गया। आज भी लोग उनकी स्टेप को कॉपी करने की कोशिश करते हैं। 

3. दर्द-ए-डिस्को – ओम शांति ओम (2007)

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शीशों, लाइटिंग और ओवर-द-टॉप मूवमेंट्स के साथ यह गाना थिएट्रिकल स्पेक्टेकल का एक बेहतरीन उदाहरण था। फराह ने बॉलीवुड के ग्लैमर और इमेज ऑब्सेशन पर हल्का-सा तंज भी इसमें कसा।

4. मैं हूं ना – मैं हूं ना (2004)

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बड़े एनसेंबल कास्ट के साथ फराह की सिमेट्री और प्रिसिजन साफ नजर आई। इसके आसान और मजेदार हुक स्टेप्स आज भी पहचान बने हुए हैं।

5. देसी गर्ल – दोस्ताना (2008)

देसी गर्ल – दोस्ताना

प्रियंका चोपड़ा की कॉन्फिडेंस और एटीट्यूड इस गाने की जान बन गए। फराह ने इस गाने को कम मूवमेंट्स में भी परफॉर्मेंस को यादगार बना दिया।

6. शीला की जवानी – तीस मार खान (2010)

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शीला की जवानी की स्टेप खूब वायरल हुई। मास अपील के लिए डिजाइन किए गए बोल्ड और कैची स्टेप्स ने कैटरीना कैफ को पॉप-कल्चर आइकन बना दिया। यह गाना आज भी हर पार्टी की शान है।

7. मुन्नी बदनाम हुई – दबंग (2010)

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फोक रिदम और भीड़ की एनर्जी से भरा यह गाना सादगी में भी हिट हुआ। फराह ने इसे शादी-ब्याह और त्योहारों का फेवरेट बना दिया।

8. आंखों में तेरी – ओम शांति ओम (2007)

आंखों में तेरी

आंखों में तेरी… गाने को आज भी उतने ही रोमांटिक अंदाज के लिए याद किया जाता है, जितना कि पहले किया जाता था।भव्य गानों के बीच यह सॉफ्ट और रोमांटिक नंबर साबित करता है कि इमोशन और एक्सप्रेशन भी उतने ही असरदार हो सकते हैं।

9. मस्त कलंदर – हे बेबी (2007)

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मस्ती, अराजकता और कॉमेडी से भरा यह गाना फराह की स्पॉन्टेनियस कोरियोग्राफी का शानदार उदाहरण है।

10. दीवानगी दीवानगी – ओम शांति ओम (2007)

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दर्जनों बॉलीवुड सितारों के साथ बना यह गाना स्केल और कंट्रोल का अनोखा संतुलन है। फराह ने इसे हिंदी सिनेमा के सबसे भव्य डांस स्पेक्टेकल्स में बदल दिया।

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