CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई का 10वीं कक्षा को लेकर नया नियम, दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए पहला एग्जाम देना होगा जरूरी

CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं आज से शुरू हो रही हैं। इसको लेकर बोर्ड ने साफ कहा है कि दसवीं में दूसरी बोर्ड परीक्षा में छात्रों को तभी मौका मिलेगा, जब उन्होंने पहली बार परीक्षा अनिवार्य रूप से दी हो।

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CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं आज से शुरू हो रही हैं। इसको लेकर बोर्ड ने साफ कहा है कि दसवीं में दूसरी बोर्ड परीक्षा में छात्रों को तभी मौका मिलेगा, जब उन्होंने पहली बार परीक्षा अनिवार्य रूप से दी हो। बोर्ड का कहना है कि दूसरी बोर्ड परीक्षा में सिर्फ प्रदर्शन सुधारने का अवसर मिलेगा।

पहली परीक्षा देना होगा अनिवार्य 

सीबीएसई ने दसवीं में इस बार दो बोर्ड परीक्षाओं की नीति को लेकर यह स्पष्टीकरण दिया है। दरअसल, हाल में बोर्ड को कई आवेदन मिले, जिनमें छात्रों ने कई कारणों से पहली परीक्षा में नहीं बैठ पाने की बात कहते हुए दूसरी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। इसलिए बोर्ड की तरफ से यह आदेश जारी किया गया है। 

परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि दूसरी बार में सिर्फ तीन विषयों की परीक्षा दे सकेंगे। छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा में से कोई तीन विषय चुन सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र पहली बोर्ड परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों की परीक्षा नहीं देता है तो उसे दूसरी परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। ऐसे छात्र ‘एसेंशियल रिपीट’ श्रेणी में रखे जाएंगे। उन्हें अगले साल मुख्य बोर्ड परीक्षा में ही बैठ सकेंगे।

दूसरी बार में सिर्फ 3 विषयों की परीक्षा दे सकेंगे छात्र

बता दें कि सीबीएसई के अनुसार, पहली बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। वहीं दूसरी परीक्षा 15 मई से जून 2026 तक होगी। दोनों परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम समान रहेगा और दोनों में से अधिक अंक ही अंतिम परिणाम में मान्य होंगे। नई प्रणाली के तहत स्टूडेंट्स अधिकतम तीन विषयों में दूसरी बार परीक्षा दे सकता है।

परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज का कहना है कि कक्षा 10वीं उत्तीर्ण करने के बाद अतिरिक्त विषय की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी भी कारण से कोई छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में उपस्थित नहीं हो पाता है, तो नीति के अनुसार उसे द्वितीय बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। इस संबंध में सीबीएसई को प्राप्त किसी भी अनुरोध का जवाब नहीं दिया जायेगा।

वहीं, पहली परीक्षा के मुख्य विषयों (विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा) में से कम से कम तीन में शामिल होना जरूरी है। पहली परीक्षा में सफल छात्र ही किन्हीं तीन विषयों में प्रदर्शन सुधार के लिए दूसरी परीक्षा दे सकेंगे।

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