OP Choudhary: साय कैबिनेट के मंत्री ओपी चौधरी ने बताई कलेक्टरी छोड़ने की वजह, किसे दिया कामयाबी का श्रेय?

OP Choudhary कलेक्टर की नौकरी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले ओपी चौधरी से बातचीत, ओपी चौधरी ने बताया अपना संघर्ष, पहले थे आईएएस ओपी

OP Choudhary: साय कैबिनेट के मंत्री ओपी चौधरी ने बताई कलेक्टरी छोड़ने की वजह, किसे दिया कामयाबी का श्रेय?

रायपुर। OP Choudhary: आईएएस की नौकरी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन करने वाले ओपी चौधरी को आखिरकार साय कैबिनेट में जगह मिल गई। ओपी ने पहली बार रायगढ़ से रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीता है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने शपथ लेने के बाद ओपी चौधरी ने अपने संघर्ष और सियासी सफर को लेकर खास बातचीत (OP Choudhary) की।

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चाणक्य की बात से प्रभावित होकर छोड़ी नौकरी

औपी चौधरी ने कहा कि (OP Choudhary) वह देश के महान राजनीति शास्त्र के ज्ञाता चाणक्य की एक बात से प्रभावित होकर राजनीति में आए थे। जिसमें चाणक्य ने कहा था कि, अच्छे लोगों के राजनीति में नहीं आने से पहला नुकसान ये होता है कि बुरे लोग अच्छे लोगों पर शासन करते हैं। इसलिए मैंने 13 साल के प्रशासनिक जीवन को छोड़ते हुए इस बड़े चैलेंज को स्वीकार किया।

राजनीति में अच्छे लोगों की जरूरत

ओपी चौधरी (OP Choudhary ) ने आगे कहा कि यह सच है कि आज राजनीति में अच्छे लोगों को आने की जरूरत है। चौधरी ने कहा कि- पीएम मोदी की गारंटी पूरी करना हमारा लक्ष्य रहेगा। हम छ्तीसगढ़ को माफिया राज से भी मुक्ति दिलाएंगे।

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संघर्ष को लेकर क्या बोले

अपने संघर्ष के बारे में बात करते हुए ओपी ने कहा कि- मैंने जिंदगी के हर हिस्से को इंज्वाय किया। मैंने पढ़ाई में बहुत मेहनत की और फिर दिल्ली में आईएएस की तैयारी की। मैं ईश्वर का शुक्रगुजार हूं कि मुझे छत्तीसगढ़ में काम करने का मौका मिला।

परिवार को दिया जीत का श्रेय

इस दौरान उन्होंने इस जीत का श्रेय अपने परिवार को दिया। 2018 में विधानसभा चुनाव हारने को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि- जिंदगी में अच्छे-बुरे दौर आते रहते हैं। लेकिन हमें मेहनत करनी नहीं छोड़नी चाहिए। ओपी चौधरी ने आगे कहा कि, उन्हें जो भी विभाग दिया जाएगा वो पूरी इमानदारी से उस पर काम करेंगे।

23 में बने आईएएस, 37 में दिया इस्तीफा

ओपी चौधरी ने अपने पिता को बचपन में ही खो दिया था। पिता के निधन के बाद उनकी मां ने ही उन्हें पढ़ाया-लिखाया और वे आज इस मुकाम पर हैं। उन्होंने 12वीं में ही आईएएस बनने का सपना देखा था। पीईटी में चयन होने के बावजूद उन्होंने उसे छोड़ दिया, क्योंकि वह कलेक्टर बनना चाहते थे। 23 साल की उम्र में आईएएस बनने वाले ओपी चौधरी ने 37 साल की उम्र में इस्तीफा दे दिया था।

चौधरी ने दर्ज की थी बड़ी जीत

इस बार के चुनाव में ओपी चौधरी (OP Choudhary) खरसिया की जगह रायगढ़ विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन विधायक प्रकाश नायक को मात दी। चौधरी ने साल 2018 के विधानसभा चुनाव में रायगढ़ जिले की खरसिया सीट से चुनाव लड़ा था। उस समय उनके सामने कांग्रेस के दिवंगत नेता नंदकुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल से वो चुनाव हार गए थे।

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