One Nation One Election Bill: केंद्र सरकार ने बनाई कमेटी, पूर्व राष्ट्रपति कोविंद को सौंपी अध्यक्षता

केंद्र सरकार ने एक देश एक चुनाव को लेकर एक समिति का गठन किया है जिसके चलते है इसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी गई है।

One Nation-one Election: 23 सितंबर को होगी समिति की पहली बैठक, पूर्व राष्ट्रपति कोविंद होंगे शामिल

One Nation One Election Bill: देश में चुनावी दौर जहां पर शुरू हो गया है वहीं पर केंद्र सरकार ने एक देश एक चुनाव को लेकर एक समिति का गठन किया है जिसके चलते है इसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी गई है। इसे लेकर आज अधिसूचना जारी हो सकती है।

जल्द लाया जाएगा एक देश एक चुनाव बिल

आपको बताते चलें,  केंद्र सरकार ने आने वाले 18 सितंबर से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है इसे लेकर माना जा रहा है, सत्र के दौरान सरकार एक देश एक चुनाव पर बिल ला सकती है। इतना ही नहीं कमेटी का काम इसे लेकर होगा कि, एक देश एक चुनाव के कानूनी पहलुओं पर गौर करेगी। साथ ही इसके लिए आम लोगों से भी राय लेगी।

जानिए कैसा होगा विशेष संसद सत्र

आपको बताते चलें, 18 से 22 सितंबर तक दोनों सदनों का विशेष सत्र रहेगा। यह 17वीं लोकसभा का 13वां और राज्यसभा का 261वां सत्र होगा। इसमें 5 बैठकें होंगी। माना जा रहा है कि सत्र पुराने संसद भवन से शुरू और नए में खत्म होगा।

बताते चलें, एक साल में संसद के तीन सत्र होते हैं। बजट, मानसून और शीत सत्र। मानसून सत्र 20 जुलाई से 11 अगस्त तक चला था। विशेष सत्र बुलाने की घोषणा मानसून सत्र के 3 हफ्ते बाद हुई है।

आगामी चुनाव को लेकर बनाई रणनीति

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने पर कई साल से दृढ़ता से जोर दे रहे हैं और इस संबंध में संभावनाओं पर विचार का जिम्मा कोविंद को सौंपने का निर्णय, चुनाव संबंधी अपने दृष्टिकोण के विषय में सरकार की गंभीरता को रेखांकित करता है।

नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसके बाद अगले साल मई-जून में लोकसभा चुनाव हैं। सरकार के इस कदम से आम चुनाव एवं कुछ राज्यों के चुनाव को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी खुली हैं, जो लोकसभा चुनावों के बाद में या साथ होने हैं।

इन बातों पर हो सकती है चर्चा या सहमति

आपको बताते चलें, संसद सत्र के दौरान जहां पर 5 दिन सत्र होगा वहीं पर इस दौरान ही 5 संभावनाएं रखी गई है।

1. महिलाओं के लिए संसद में एक-तिहाई अतिरिक्त सीट देना।
2. नए संसद भवन में ​शिफ्टिंग।
3. यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पेश हो सकता है।
4. लोकसभा-विधानसभा चुनाव साथ कराने का बिल आ सकता है।
5. आरक्षण पर प्रावधान संभव। (ओबीसी की केंद्रीय सूची के उप-वर्गीकरण, आरक्षण के असमान वितरण के अध्ययन के लिए 2017 में बने रोहिणी आयोग ने 1 अगस्त को राष्ट्रपति को रिपोर्ट दी है।)

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