OMKARESHWAR FLOATING SOLAR : मुख्यमंत्री का सपना था ओंकारेश्वर सोलर पाॅवर प्लांट, शेयर किया प्लैन

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार भोपाल में आयोजित विश्व की सबसे बड़ी, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना के

OMKARESHWAR FLOATING SOLAR : मुख्यमंत्री का सपना था ओंकारेश्वर सोलर पाॅवर प्लांट, शेयर किया प्लैन

OMKARESHWAR FLOATING SOLAR : मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार भोपाल में आयोजित विश्व की सबसे बड़ी, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना के प्रथम चरण का अनुबंध हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारा एक सपना साकार हो रहा है। हमने सबसे पहले 750 मेगावाॅट का सोलर पाॅवर प्लांट लगाया था, लेकिन ओंकारेश्वर का सोलर पाॅवर प्लांट अपने आप में अद्भुत है। इसकी सतह पर हम सोलर पैनल बिछाएंगे और उससे बिजली बनेगी।
आज जिस सोलर पाॅवर प्लांट का अनुबंध हस्ताक्षर पर हम समारोह कर रहे हैं। वह दुनिया का सबसे बड़ा है। जमीन की तुलना में पानी की सतह पर सोलर पैनर बिछाने पर बिजली का उत्पादन ज्यादा होता है।
भोपाल को 124 दिन पीने के जितने पानी की जरूरत होती है। उतना पानी हमारे इस प्लांट के कारण ओंकारेश्वर में बच जाएगा।प्लांट लगने से शैवाल जैसी वनस्पतियां कम उत्पन्न होंगी। इससे पानी पीने के लायक हो जाएगा। 2027 तक मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की क्षमता बढ़ाकर 20 हजार मेगावाॅट तक कर दी जाएगी। मैंने निर्देश दिया है कि ऐसी नीति बनाएं कि बहुत सस्ती जमीन निवेशक को मिल जाए।  कुसुम-ए, कुसुम-बी, कुसुम-सी अभियान भी जारी रहेगा। सरकारी दफ्तरों की छतों पर सोलर पैनर बिछने चाहिए। हमने नयी रिन्यूबल एनर्जी की नीति को स्वीकृति दी है। इस क्षेत्र में काम करने वाले सभी निवेशकों को मैं आमंत्रित करता हूं। मध्यप्रदेश अद्भुत राज्य है। यहां जमीन और पानी की कमी नहीं है। हम ऐसे तरीकों से बिजली बनाएं, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम से कम हो।मैं प्रदेशवासियों से निवेदन करना चाहता हूं, हमारी जरा-सी लापरवाही से बहुत बिजली बर्बाद हो जाती है। छोटी-छोटी आदतों से हम बिजली बचा सकते हैं।

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