अब एक किलोमीटर तक एक्सेस कर पाएंगे आपना वाई-फाई सिग्नल, जानिए क्या है वाई-फाई हैलो तकनीक

अब एक किलोमीटर तक एक्सेस कर पाएंगे आपना वाई-फाई सिग्नल, जानिए क्या है वाई-फाई हैलो तकनीक Now your Wi-Fi signal will be able to access up to one kilometer, know what is Wi-Fi Hello technology nkp

अब एक किलोमीटर तक एक्सेस कर पाएंगे आपना वाई-फाई सिग्नल, जानिए क्या है वाई-फाई हैलो तकनीक

नई दिल्ली। कहते हैं परिवर्तन ही संसार का नियम है। पहले हम संचार के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। लेकिन जैसे ही हमारी उपयोगिता बढ़ी हम स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने लगे, इसके सहारे हम विडियो कॉल आदि से बात करने लगे। वहीं अब बात यहां तक पहुंच गई है कि हम मेटावर्स तकनीक की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। जहां हम वर्चुअल तरीके से आमने-सामने होकर संवाद स्थापित कर पाएंगे। कहने का अर्थ ये है कि मनुष्य समय-समय पर तकनीकी रूप से अपग्रेड होता गया। इसी कड़ी में अब वाई-फाई तकनीक जल्दी ही हाई-फाई होने वाला है। वाई-फाई की नई टेक्नोलॉजी वाई-फाई हैलो को जल्द ही लॉन्च किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस नई तकनीक के बारे में।

लॉन्च होते ही बहुत कुछ बदल जाएगा

जानकारों की माने तो इस तकनीक के लॉन्च हो जाने के बाद पहले की तुलना में बहुत कुछ बदल जाएगा। जहां पहले हम वाई-फाई को बस कुछ मीटर तक ही एक्सेस कर पाते थे। वहीं अब इस नई तकनीक के साहारे वाई-फाई सिग्नल को 1 किलोमीटर तक एक्सेस कर पाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस तकनीक को, वाई-फाई अलांयस द्वारा विकसित किया जा रहा है। 'वाई-फाई अलांयस' वाई-फाई टेक्नोलॉजी पर काम करने वाली कंपनियों का एक नेटवर्क है।

इस तकनीक की खासियत

HaLow को लो-पावर और हाई-रेंज के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। वाई-फाई अलांयस इसे इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर फोकस करते हुए तैयार कर रहा। इस नई तकनीक को औद्योगिक, कृषि, स्मार्ट बिल्डिंग और स्मार्ट सिटी जैसे वातावरण में उपयोग के लिए काफी सक्षम माना जा रहा है। अलायंस की माने तो वाई-फाई हैलो वायरलेस कनेक्टिविटी के लिए अधिक व्यापक दृष्टिकोण अपनाता है। इतना ही नहीं नई तकनीक, चुनौतीपूर्ण वातावरण जैसे कि दीवारों या अन्य बाधाओं को भेदने में भी यह पहले से ज्यादा कारगर है।

तेज वाई-फाई कनेक्टिवटी

नई तकनीक के सहारे यूजर्स तेज वाई-फाई कनेक्टिवटी का इस्तेमाल कर पाएंगे, क्योंकि मौजूदा वाई-फाई तकनीक बैंडविड्थ के मामले में 2.4Ghz से 5Ghz स्पेक्ट्रम पर काम करती है। वही, वाई-फाई हैलो को 1Ghz से कम स्पेक्ट्रम पर काम करने के लिए विकसित किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह कम बिजली की खपत करेगा। इसके अलावा, ये तकनीक लो फ्रिक्वेंसी में भी लंबी दूरी पर डेटा ट्रांसमिट करने की क्षमता रखती है।

कब होगी इसकी लॉन्चिंग

हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में अभी तक इसका खुलासा नहीं हो पाया है कि इस तकनीक को कब तक लॉन्च किया जाएगा। जबकि, वाई-फाई अलायंस ने इस साल की शुरूआत में ही कहा था वह 2021 की चौथी तिमाही में इस डिवाइस के सर्टिफिकेशन की उम्मीद करते हैं। जिसका अर्थ है कि अगले साल तक इस तकनीक का उपयोग आप कर पाएंगे।

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