आधी सजा काट चुके विचाराधीन कैदियों को जमानत प्रदान करने की याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस

नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक जनहित याचिका को लेकर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है जिसमें छोटे अपराधों के ऐसे विचाराधीन कैदियों को जमानत पर रिहा करने का आग्रह किया गया है जो अपराध के लिए तय सजा की आधी अवधि जेल में काट चुके हैं।

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने एक ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका पर नोटिस जारी कर दिल्ली सरकार को अपना रुख बताने को कहा है।

‘भारतीय विचाराधीन कैदी सहायता मंच’ की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया कि ऐसे विचाराधीन कैदियों को जमानत दिए जाने से भविष्य में भी राष्ट्रीय राजधानी की जेलों से भार कम हो पाएगा, जिनमें वर्तमान में अपनी तय क्षमता से करीब दोगुने कैदी हैं।

ट्रस्ट की ओर से पेश वकील विशाल गोसाईं और नेहा नागपाल ने पीठ के समक्ष उच्चतम न्यायालय के 2015-16 के उस आदेश का भी हवाला दिया जिसमें ऐसे मामलों पर विचार के लिए विचाराधीन कैदी समीक्षा समिति गठित करने का आदेश दिया गया था।

भाषा शफीक पवनेश

पवनेश

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