Non Merit Subsidy: बिजली-पानी की सब्सिडी को लेकर बड़ा अपडेट, किराएदारों को लगेगा बड़ा झटका

Non Merit Subsidy: भारतीय रिजर्व बैंक, कैग और वित्तीय संस्थानों ने सरकारी खर्चों पर पाबंदी लगाने की सिफारिश की है।

Non Merit Subsidy: बिजली-पानी की सब्सिडी को लेकर बड़ा अपडेट, किराएदारों को लगेगा बड़ा झटका

Non Merit Subsidy: बिजली, पानी, रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल पर सरकार कुछ राशि की छूट देती है। अब इसकी जगह बैंक खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। इससे फर्जी और अपात्र लोगों पर लगाम लगेगी। कैबिनेट सचिवालय के अनुसार, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए करीब 3.48 लाख करोड़ रुपये की सेविंग हुई है।

भारतीय रिजर्व बैंक, कैग और वित्तीय संस्थानों ने सरकारी खर्चों पर पाबंदी लगाने की सिफारिश की है। सरकार सब्सिडी को डीबीटी से जोड़ने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद सब्सिडी को उपयोगी बनाने के तरीकों पर विचार कर रही है। इसमें सबसे बड़ी चिंता बिजली सब्सिडी को लेकर है।

राज्य सरकारों का 8 से 9 फीसदी बजट सब्सिडी में खर्च होता है। राजस्थान, बिहार और गुजरात में सब्सिडी का आधा हिस्सा विद्युत पर खर्च होता है। इससे बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है।

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मध्यप्रदेश में 42% सब्सिडी बिजली पर खर्च

राजस्थान सब्सिडी पर सर्वाधिक 97% हिस्सा खर्च करता है। छत्तीसगढ़ 34% और मध्यप्रदेश 42% की सब्सिडी बिजली को देता है।

  • मध्यप्रदेश- 42 फीसदी
  • छत्तीसगढ़- 34 फीसदी
  • महाराष्ट्र- 36 फीसदी
  • हिमाचल प्रदेश- 35 फीसदी
  • असम- 47 फीसदी
  • गुजरात- 51 फीसदी
  • कर्नाटक- 52 फीसदी
  • आंध्रप्रदेश- 58 फीसदी
  • हरियाणा- 75 फीसदी
  • उत्तर प्रदेश- 76 फीसदी
  • बिहार- 80 फीसदी

नॉन मेरिट सब्सिडी क्या है?

  • सब्सिडी दो तरह की होती है। एक मेरिट और दूसरी नॉन मेरिट सब्सिडी।
  • मेरिट सब्सिडी में हेल्थ और एजुकेशन आते हैं।
  • बिजली, पानी और परिवहन पर मिलने वाली सब्सिडी को नॉन मेरिट सब्सिडी माना जाता है।
  • नॉन मेरिट सब्सिडी से कर्ज लेने की लिमिट तय कर दी गई है।
  • सैलरी, पेंशन और ब्याज पर इसका असर पड़ा है। इस वजह से केंद्र सरकार योजना की तैयारी कर रहा है।

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बिजली उपभोक्ताओं के खातों में आएगी सब्सिडी

वहीं, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बिजली उपभोक्ता को बिजली सब्सिडी सीधे बैंक खातों में दी जाएगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की प्रोसेस शुरू कर दी है। सभी ग्राहकों को बिजली बिल में सब्सिडी देने की जगह बैंक खाते में दी जाएगी।

किसके खाते में आएगा सब्सिडी का पैसा

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के तहत बिजली सब्सिडी मकान मालिक के खाते में ट्रांसफर होगी। बिजली बिल मकान मालिक के नाम होता है। ऐसे में किराएदरों को झटका लगेगा, क्योंकि उन्हें पूरा बिजली बिल भरना पड़ता है।

कनेक्शन के लिए संयोजन पोर्टल

बिजली कनेक्शन के लिए विद्युत कंपनी ने सरल संयोजन पोर्टल की शुरुआत की है। आवेदन के बाद 24 घंटे के अंदर बिजली कनेक्शन मिलेगा। आवेदक को फोटो, पहचान पत्र और संबंधित डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे। नए कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

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