Greta Thunberg Case: निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, दिशा और उसके साथियों ने की थी वर्चुअल मीटिंग

निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, दिशा और उसके साथियों ने की थी वर्चुअल मीटिंग, Non-bailable warrants issued against Nikita Jacob and Shantanu in Greta Thunberg Case

Greta Thunberg Case: निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, दिशा और उसके साथियों ने की थी वर्चुअल मीटिंग

नई दिल्ली। (भाषा) किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी ‘टूलकिट’ सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। मामले में जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी के दो दिन बाद वारंट जारी किए गए हैं। कुछ आलोचकों का कहना है कि ‘टूलकिट’ भारत में प्रदर्शनों को हवा देने की उनकी साजिश का ‘‘सबूत’’ है। दिशा रवि (21) को गत शनिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था और दिल्ली की एक अदालत ने उसे रविवार को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

‘‘खालिस्तान-समर्थक तत्वों’’ से सीधा सम्पर्क

पुलिस ने बताया कि निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इन पर दस्तावेज तैयार करने और ‘‘खालिस्तान-समर्थक तत्वों’’ के सीधे सम्पर्क में होने का आरोप है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। दोनों ‘टूलकिट’ मामले में वांछित हैं। उनपर दस्तावेज तैयार करने और खालिस्तान-समर्थक तत्वों के सीधे सम्पर्क में होने का संदेह है।’’

‘टूलकिट गूगल डॉक’ का सम्पादन किया

पुलिस दोनों को पकड़ने के लिए मुम्बई और अन्य स्थानों पर छापेमारी कर रही है। दिल्ली पुलिस ने रविवार को दावा किया था कि दिशा रवि ने ‘टूलकिट गूगल डॉक’ का सम्पादन किया था और दस्तावेज को तैयार करने और उसे फैलाने की वह ‘‘मुख्य षड्यंत्रकारी’’ हैं। पुलिस ने आरोप लगाया, ‘‘भारत के खिलाफ वैमनस्य फैलाने के लिए रवि और अन्य ने खालिस्तान-समर्थक समूह ‘पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन’ के साथ साठगांठ की। ’’ दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर दावा किया, ‘‘ ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट साझा करने वालों में से रवि भी एक थीं।’’ केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली से लगी सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन को समर्थन देते हुए जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने यह ‘टूलकिट’ साझा की थी।

‘टूलकिट’ में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश तथा सामग्री होती है। पुलिस ने रविवार को एक अदालत से कहा था कि भारत सरकार के खिलाफ कथित तौर पर बड़े स्तर पर साजिश रचने और खालिस्तानी आंदोलन में भूमिका को लेकर जांच करने के लिए उसकी हिरासत की आवश्यकता है। इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिशा रवि की गिरफ्तारी को ‘‘लोकतंत्र पर अभूतपूर्व हमला’’ करार दिया।

https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/1361169667985788929

केजरीवाल ने ट्वीट किया

‘‘21 वर्षीय दिशा की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर अभूतपूर्व हमला है। हमारे किसानों का समर्थन करना कोई अपराध नहीं है।’’ केन्द्र के नए कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान 26 जनवरी को पुलिस के साथ हिंसक झड़प हो गई थी। गणतंत्र दिवस पर हुई इस झड़प में 500 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने ‘गूगल’ और अन्य सोशल मीडिया कम्पनियों से वह ‘टूलकिट’ बनाने वालों से जुड़े ईमेल आईडी, डोमेन यूआरएल और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देने को कहा था, जो जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और अन्य ने यह ‘टूलकिट’ ट्विटर पर साझा की थी।

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