बेग के बोझ से फ्री होंगे मिडिल सेक्शन के बच्चे: MP में महीने में एक बार होगा 'नो बेग डे', शनिवार को होगी ये एक्टिविटीज

No Bag Day in MP: प्रदेश में माध्यमिक कक्षाओं के लिए नो बेग डे व्यवस्था लागू करने राज्य शिक्षा केंद्र ने आदेश जारी कर दिए हैं।

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No Bag Day in MP: मध्य प्रदेश के स्कूलों में अब महीने में एक बार 'नो बेग डे' होगा। यह व्यवस्था महीने में कम से कम किसी एक शनिवार को स्कूलों को लागू करना होगी।

इसे लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयक को आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें कि प्राथमिक स्तर पर ये व्यवस्था पहले से लागू थी, जिसे अब माध्यमिक यानी मिडिल सेक्शन में भी लागू किया जा रहा है।

नई शिक्षा नीति में है प्रावधान

बस्ते के बोझ को कम करने और बच्चों में नए कौशल के विकास के लिए नई शिक्षा नीति 2020 में नो बेग डे का प्रावधान किया गया है।

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कुछ प्राइवेट स्कूलों में ये व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन अब इसे सख्ती से सरकारी स्कूलों में भी लागू किया जा रहा है।

कम से कम 10 दिन नो बेग डे

एक शैक्षणिक सत्र में कम से कम 10 दिन नो बेग डे का आयोजन किया जाना है। विभाग ने जारी अपने आदेश में कहा कि महीने में एक से कम एक शनिवार अब स्कूलों को नो बेग डे दिवस लागू करना होगा। इस दिन स्कूल में कई गतिविधियों का आयोजन होगा।

गतिविधियों के ये हैं उद्देश्य

विद्यार्थियों को सफल, नवाचारी एवं उत्पादक नागरिक के रूप में तैयार करना। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण/रूचि, साक्ष्य आधारित सोच और रचनात्मकता का विकास करना।

क्रमांकगतिविधि का क्षेत्र गतिविधियां
1.आर्ट एंड क्राफ्टड्राइंग, पेटिंग, मिट्टी के खिलौने निर्माण, गमला/दीवार पेटिंग, कटपुतली मुखौटे, डॉल मेंकिंग, अनुउपयोगी सामग्री के पुनः उपयोग, पेपर क्राफ्ट से संबंधित गतिविधियां।
2.ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिकलोकगीत, लोकनृत्य, लघुनाटिका, लोककला, कविता पाठ, कहानी लेखन आदि से संबंधित गतिविधियां।
3.खेती की आधुनिक पद्धतियांपॉलीफार्मिंग, आर्गेनिक फार्मिंग, एवं इसमें प्रयुक्त संसाधनों, औषधी पौधों की जानकारियां, खेती का कार्य उसनें उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारियां / स्थल का भ्रमण करना।
4.शैक्षिक भ्रमणआस पास के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय व्यवसायिक स्थलों का भ्रमण।
5.लघु उद्योग व्यवसायमधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, मछली पालन, डेरी फार्म, इत्यादि की जानकारी / स्थल का भ्रमण।
6.महत्वपूर्ण संस्थानों का भ्रमणपोस्ट ऑफिस, बैंक, पुलिस थाना, अस्पताल, मंडी विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कर प्रत्यक्ष में जानकारी प्राप्त करना।
7.स्थानीय कामगार/व्यावसायिकलकड़ी, बिजली, लोहे, प्लम्बिंग, खिलौने, जूट का कार्य हथकरघा, हैंडबैग निर्माण कार्य से संबंधित विशेषज्ञों से चर्चा/स्थानीय स्थल का भ्रमण।
8.पुस्तकालय गतिविधियांविद्यार्थियों में कौशल विकास हेतु ई-पुस्तकालय एवं विभिन्न पत्र पत्रिकाओं के माध्यम से पढने एवं अभिव्यक्ति के अवसर उपलब्ध करवाएं।
9.खेल गतिविधियांइनडोर, आउटडोर एवं स्थानीय खेल गतिविधियों का आयोजन।
10.प्रौद्योगिकी, विज्ञान और पर्यावरणजैविक खाद, किचन गार्डन, स्वच्छ पेयजल का महत्व, जंक फूड एवं फास्ट फूड के बारे में जागरूक करना। पानी स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के बीच सहसंबंधों, अपशिष्ट प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों से संबंधित हेतु विशेषज्ञों के साथ जानकारी एवं उक्त विषयो पर निबंध, क्विज, भाषण प्रतियोगिता का आयोजन।

विद्यार्थियों में संवाद, विचार अभिव्यक्ति, स्वास्थ्य एवं पोषण, खेल, सहयोग की भावना एवं नेतृत्व गुण आदि का विकास करना। भारतीय ज्ञान परम्परा, मूल्यों एवं पर्यावरणीय चेतना का विकास करना। विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, समस्या-समाधान कौशलों का विकास करना।

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उपचुनाव वाले जिलों में अभी व्यवस्था नहीं होगी लागू

आदेश में स्पष्ट किया है कि नो बेग डे वाली व्यवस्था फिलहाल उपचुनाव वाले जिलों के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में लागू नहीं की जाएगी। बता दें कि पहले नो बेग डे की व्यवस्था प्राइमरी सेक्शन यानी पहली से पांचवी तक की कक्षाओं में लागू थी।

इसे अब 6वीं से 8वीं क्लास के बच्चों के लिए भी लागू किया जा रहा है। इन गतिविधियों के संचालन के लिए सरकारी स्कूलों को 2500 रुपये की राशि भी दी गई है।

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