Niwari : मप्र का इकलौता गांव जिसे UN द्वारा ‘विश्व के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव’ के रूप में नॉमिनेट किया गया है, जानिए यहां की खासियत

Best Tourism Village, Ladpura

रिपोर्ट- भूपेंद्र सिंह कुशवाह, ओरछा

निवाड़ी। भारत की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। यहां लोग कम पैसों में भी अपनी सारी जरूरतों को पूरा कर लेते हैं। जबकि शहरों में अच्छी कमाई और बेहतर सुविधाओं के बीच भी लोग अपने आप को खुशहाल नहीं मानते। यही कारण है कि लोग छुट्टियों में घुमने-फिरने और सुकून के लिए गांवों का रूख करते हैं। आज कल कई गांवों को पर्यटन गांव के रूप में भी सरकारें विकसित करते रहती हैं। यही कारण है कि मध्य प्रदेश के लाड़पुरा गांव (Ladpura Village) मेघालय के कोंगथोंग गांव और तेलंगाना के पोचमपल्ली गांव को यूनाइटेड नेशन्स वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया है। ऐसे में आज हम आपको मप्र के लाड़पुरा गांव की खासियत बताएंगे और जानेंगे कि आखिर इस गांव को क्यों चुना गया ‘वर्ल्ड बेस्ट टूरिज्म विलेज’ के रूप में।

गांव में 7 होमस्टे और 3 ई-रिक्शा का संचालन

दरअसल, इस गांव को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की पहल पर ‘पर्यटन गांव’ (Tourist Village) के रूप में विकसित किया गया है। यहां के लोग, खासकर महिलाएं होमस्टे, ई-रिक्शा संचालन और पर्यटन व्यवसाय से जुड़कर अपने परिवार के साथ गांव के विकास में भागीदार बन रहीं है। गांव में होमस्टे होने के कारण यहां देश-विदेश से पर्यटक रहने के लिए आते हैं। यही कारण है कि गांव के युवाओं का बौद्धिक, सामाजिक और शैक्षणिक के साथ आर्थिक विकास भी हो रहा है। गांव में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से 7 होमस्टे और 3 ई-रिक्शा का संचालन किया जाता है।

इसे एक साल पहले शुरू किया गया था

एक साल पहले इस गांव में होम स्टे की शुरूआत की गई थी। मकसद था, पर्यटन नगरी ओरछा में आने वाले विदेशी पर्यटकों को बुंदेलखंड के ग्रामीण परिवेश के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य, रहन-सहन और स्थानीय व्यंजनों के स्वाद से रूबरू कराना। ओरछा तहसील के अंतर्गत आने वाला लाड़पुरा गांव इन दिनों पर्यटकों को काफी पसंद आ रहा है। लगभग 11 सौ लोगों की जनसंख्या वाले इस गांव में 80 प्रतिशत लोग शिक्षित हैं। यही कारण है कि मध्य प्रदेश के पहले पर्यटन गांव के रूप में इसे विकसित किया गया और आज पूरे देश के तीन बेस्ट टूरिज्म विलेज में इसका नाम शामिल है।

गांव में आधुनिक सुविधाओं का भी रखा गया है ख्याल

आप गांव में पैदल के साथ ई-रिक्शा से भी भ्रमण कर सकते हैं। आजीविका मिशन की मदद से और कलेक्टर के प्रयासों से यहां महिलाएं ई-रिक्शा चलाती हैं। महिला चालकों को पर्यटकों के साथ अच्छा व्यवहार करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। आए दिन यहां विदेशी पर्यटक आते रहते हैं और गांव की सुंदरता को अपने कैमरे में कैद करते हैं। पर्यटकों के लिए गांव में आधुनिक सुविधाओं का भी पूरा ख्याल रखा गया है।

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