Nitin Gadkari MP News : केन्द्रीय मंत्री ने अफसरों की लेटलतीफी पर बोले, तीन माह में प्रोजेक्ट अप्रूव नहीं तो दे दें सेवानिवृत्ति

भोपाल। केंद्रीय मंत्री केन्द्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी Nitin Gadkari MP News रविवार से शुरू हुए प्रशासन अकादमी में भारतीय शिक्षण मंडल के तीन दिनी नेशनल एक्सपो सार्थक एजुविजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में शामिल विषय विशेषज्ञ शिक्षा को रोजगार से जोड़ने और उसमें नए प्रयोग को लेकर सुझाव दिया।

मंजूरी के लिए एक माह का समय रखें
केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमने अपने मंत्रालय में यह व्यवस्था की है कि यदि कोई प्रोजेक्ट तीन माह में अप्रूव नहीं होता तो जिस अफसर की वजह से ऐसा हुआ, उसकी टेबल पर नारियल देकर सेवानिवृत्ति का पत्र सौंप देते हैं। गडकरी ने साथ में मौजूद मप्र के एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा से कहा कि मप्र में प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए एक माह का समय रखें। तभी काम होंगे।

इच्छाशक्ति के साथ पूरा करने का वादा करना होगा

नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि राष्ट्र का पुनर्निर्माण करना है तो 50 साल आगे की सोच लेकर चलना होगा और इसके लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। ऐसे काम में अहंकार नहीं, आत्मविश्वास की जरूरत है और इसमें अंतर है। काम को इच्छाशक्ति के साथ पूरा करने का वादा करना होगा।

26 प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया
इसके बाद केन्द्रीय सड़क, परिवहन, राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास कार्यालय में चर्चा करते हुये उनसे केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत 1858 करोड़ रूपये के 26 प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

समय-सीमा में पूरा कराने का आश्वासन दिया
मुख्यमंत्री चौहान ने अटल प्रोग्रेस-वे की डीपीआर शीघ्र तैयार कराने सर्व संबंधितों को निर्देशित करने और पर्यटन सुविधा विस्तार के लिये 10.15 किलोमीटर लम्बे बमीठा से खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग को 4 लेन में उन्नयन करने की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण एवं उन्नयन तथा अन्य सड़कों के निर्माण के कार्यों में आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र प्रदान कर परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा कराने का आश्वासन दिया।

कई बड़ी परियोजना में प्रगति की समीक्षा की
उन्होंने बताया कि भारत माला परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग के लिये इस वर्ष दिसम्बर तक म.प्र. को 50 हजार करोड़ रूपये प्रदान करने की कार्य-योजना है। उन्होंने वन विभाग की स्वीकृतियाँ तथा भू-अर्जन की कार्रवाई पूरा करने के लिये कहा। गडकरी ने कई बड़ी परियोजना में प्रगति की समीक्षा की।

अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना में राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश के 309 किलोमीटर हिस्से के लिये आवश्यक 1523 हेक्टेयर शासकीय भूमि एन.एच.ए.आई. के स्वामित्व में नि:शुल्क आवंटित कर दी गयी है। वन भूमि के व्यपवर्तन पर होने वाले व्यय का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। भू-अर्जन और अदला-बदली के माध्यम से एन.एच.ए.आई. को नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराने के तैयारियां कर ली गई है। बहुत कम समय में ही एन.एच.ए.आई. ने अटल प्रोग्रेस-वे की डीपीआर बनाने केलिये एजेन्सी का चयन कर लिया है।

 

केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत 1858 करोड़ रूपये के 26 प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत सम्पूर्ण प्रदेश की अति महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को चिन्हित कर 1858 करोड़ रूपये के 26 प्रस्ताव सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजे गये हैं। इन प्रस्तावों को संसद सदस्यगण और क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधियों से व्यापक विचार-विमर्श कर तैयार किया गया है।

बमीठा से खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग का 4 लेन में उन्नयन

मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा पुरातत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल खजुराहो को आईकोनिक साईट के रूप में विकसित किया जा रहा है। 10.15 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग बमीठा से खजुराहो का 4 लेन में उन्नयन करने से विश्व धरोहर के रूप में विख्यात इस पर्यटन स्थल तक पर्यटकों का आवागमन सुविधाजनक हो सकेगा। इस कार्य केलिये 71 करोड़ रूपये का राज्य सरकार का प्रस्ताव स्वीकृति के लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में विचाराधीन है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

नर्मदा एक्सप्रेस-वे

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अमरकंटक से लेकर खम्भात की खाड़ी तक नर्मदा एक्सप्रेस-वे का निर्माण होना चाहिये। इस मार्ग के दोनों तरफ औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा सकता है।

इंदौर से जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित किया कि इंदौर और जबलपुर के मध्य बुधनी होते हुये मार्ग को जोड़ा जाये और इस लिंक मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाये तो इंदौर-जबलपुर के मध्य सड़क मार्ग की दूरी काफी कम हो जाएगी।

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