जब काम 100% तो सैलरी क्यों नहीं: नये कर्मचारियों ने 100 फीसदी वेतन के लिये सोशल मीडिया पर छेड़ा कैंपेन, जमकर हुआ ट्रेंड

MP Govt Employee Salary: जब काम 100 फीसदी तो सैलरी 100 फीसदी की मांग को लेकर नवनियुक्त कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर चलाया कैंपेन

MP-Govt-Employee-Salary

हाइलाइट्स

MP के नवनियुक्त कर्मचारियों को नहीं मिल रहा पूरा वेतन

दूसरे साल से ही 100 फीसदी वेतन देना का किया था वादा

नवनियुक्त कर्मचारियों को 70% ही वेतन मिलने से हो रहा नुकसान

MP Govt Employee Salary: मध्य प्रदेश के नव नियुक्त कर्मचारियों ने 100 फीसदी वेतन के लिये सोशल मीडिया पर कैंपेन छेड़ दिया है। कुछ ही समय में ये ट्रेंड भी करने लगा।

नये नवेले कर्मचारियों की मांग है कि जब हमसे काम पूरा लिया जाता है तो फिर सैलरी पूरी क्यों नहीं दी जा रही है। 100% काम है तो सैलरी भी 100% ही मिलनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर 10 हजार से अधिक पोस्ट

100 फीसदी सैलरी के लिये कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर कैंपेन छेड़ा। # मध्यप्रदेश सौ फीसदी वेतन दो 11 अगस्त को ट्रेंड पर रहा।

MP-Govt-Employee-Salary-Tranding

इस मुहीम को सफल बनाने के लिये नव नियुक्त कर्मचारियों के कई संगठन आगे आए हैं।

सबसे पहले कांग्रेस सरकार लाई थी फार्मूला

मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने नवनियुक्त कर्मचारियोंं को टुकड़े टुकड़े में वेतन देने का फार्मूला लेकर आई थी।

इसके अंतर्गत नियुक्ती के पहले साल कर्मचारियों को 70%, दूसरे साल 80% और तीसरे में साल 90% वेतन दिया जाएगा। नियुक्ति के चौथे साल कर्मचारियों को 100% वेतन मिलेगा।

बीजेपी सरकार फैसला तो बदला पर लागू नहीं

कांग्रेस सरकार गिरने के बाद बीजेपी वापस सत्ता में आई। 12 अप्रैल 2023 को घोषणा की गई कि नव नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति के पहले साल तो 70% वेतन मिलेगा।

https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1822596575522074644

लेकिन दूसरा साल लगते ही उन्हें 100% वेतन (MP Govt Employee Salary) मिलने लगेगा। हालांकि इस पर अमल अब तक नहीं हो पाया है।

सिर्फ ESB से भर्ती होने वाले कर्मचारियों को ये नुकसान

ऐसा नहीं है कि मध्य प्रदेश के सभी कर्मचारियों को सैलरी में ये नुकसान है, बल्कि सिर्फ कर्मचारी चयन मंडल यानी ESB से होने वाली भर्ती के कर्मचारियों के लिये ही ये व्यवस्था 2018 से लागू है।

MPPSC के जरिये भर्ती होने वाले कर्मचारियों को नियुक्ति के साथ ही पूरा वेतन (MP Govt Employee Salary) मिलता है।

शिक्षकों को वेतन से समझे नुकसान का पूरा गणित

वर्ग 3 के शिक्षकों को ये हो रहा नुकसान:प्राथमिक शिक्षकों (वर्ग-3) की नियुक्ति 25300 रुपये मासिक वेतन (MP Govt Teacher Salary) से हुई, लेकिन इन्हें पहले साल सिर्फ 70% यानी 17710 रुपये बेसिक सैलरी ही मिल रही है। बेसिक सैलरी पर ही महंगाई भत्ता मिलता है। महंगाई भत्ता हाल ही में बढ़कर (MP DA Hike) 46% हुआ है।

MP-Govt-Teacher-Salary-Warg-3

उस हिसाब ये 8147 रुपये होता है। यानी अभी शिक्षकों को 295 एचआरए (हाउस रेंट एलाउंस) जोड़कर सिर्फ 26152 रुपये सैलरी मिल रही है। यदि वर्ग 3 के शिक्षकों को पूरी 25300 रुपये बेसिक सैलरी मिलती तो 295 रुपये एचआर और 46% DA के हिसाब से वेतन 37233 रुपये मिलता। यानी प्राथमिक शिक्षकों को हर महीने 11081 रुपये का घाटा हो रहा है।

वर्ग 2 के शिक्षकों के नुकसान का ये है गणित:माध्यमिक शिक्षकों (वर्ग-2) की नियुक्ति 32800 रुपये मासिक वेतन (MP Govt Teacher Salary) से हुई, लेकिन इन्हें पहले साल सिर्फ 70% यानी 22960 रुपये बेसिक सैलरी ही मिल रही है। बेसिक सैलरी पर ही महंगाई भत्ता मिलता है। महंगाई भत्ता हाल ही में बढ़कर (MP DA Hike) 46% हुआ है।

MP-Govt-Teacher-Salary-Warg-2

उस हिसाब ये 10562 रुपये होता है। यानी अभी शिक्षकों को 295 HRA (House Rent Allowance) जोड़कर सिर्फ 33817 रुपये सैलरी मिल रही है। यदि वर्ग 2 के शिक्षकों को पूरी 32800 रुपये बेसिक सैलरी मिलती तो 295 रुपये एचआर और 46% DA के हिसाब से वेतन 48183 रुपये मिलता। यानी माध्यमिक शिक्षकों को हर महीने 14366 रुपये का घाटा हो रहा है।

वर्ग 1 के शिक्षकों को ये हो रहा नुकसान:उच्च माध्यमिक शिक्षकों (वर्ग-1) की नियुक्ति 36200 रुपये मासिक वेतन (MP Govt Teacher Salary) से हुई, लेकिन इन्हें पहले साल सिर्फ 70% यानी 25340 रुपये बेसिक सैलरी ही मिल रही है। बेसिक सैलरी पर ही महंगाई भत्ता मिलता है। महंगाई भत्ता हाल ही में बढ़कर (MP DA Hike) 46% हुआ है।

MP-Govt-Teacher-Salary-Warg-1

उस हिसाब ये 11656 रुपये होता है। यानी अभी शिक्षकों को 295 एचआरए (हाउस रेंट एलाउंस) जोड़कर सिर्फ 37291 रुपये सैलरी मिल रही है। यदि वर्ग 1 के शिक्षकों को पूरी 36200 रुपये बेसिक सैलरी मिलती तो 295 रुपये एचआर और 46% DA के हिसाब से वेतन 53147 रुपये मिलता। यानी उच्च माध्यमिक शिक्षकों को हर महीने 15856 रुपये का घाटा हो रहा है।

नव नियुक्त कर्मचारियों की ये मांग

केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घोषणा कर चुके हैं कि दूसरे साल से सभी कर्मचारियों को हंड्रेड परसेंट वेतन मिलेगा, लेकिन सरकार ने अभी को इंप्लीमेंट नहीं किया है।

कर्मचारियों की मांग है कि शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की इस घोषणा को तत्काल अमल में लाया जाना चाहिए।

जब सभी कर्मचारियों से कार्य हंड्रेड परसेंट कराया जाता है तो वेतन (MP Govt Employee Salary) भी हंड्रेड परसेंट मिलना चाहिए।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article