New Wage Code 2022 Latest News : क्या आपकी सैलरी भी है कम, जान लें क्या है इससे जुड़ा कानून, जो बदलने वाला है

New Wage Code 2022 Latest News : क्या आपकी सैलरी भी है कम, जान लें क्या है इससे जुड़ा कानून, जो बदलने वाला है

नई दिल्ली। नौकरीपेशा लोगों के लिए New wage code 2022 latest news: बहुत जल्द बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। आपको बता दें सभी के मन में न्यू वेज कोड को लेकर तरह—तरह के सवाल उठ रहे हैं। लेकिन आपको बता दें केंद्र सरकार न्यू वेज कोड को नोटिफाई (New Wage Code Notification) करने को तैयार है। केंद्र सरकार बिना राज्यों की सहमति के नोटिफिकेशन जारी नहीं करना चाहती।

आपको बता दें 1 अप्रैल 2021 से लागू होने वाले इस कोड को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही कई तरह की अटकलें भी आ रही हैं। लेकिन, सरकार ने अभी तक औपचारिक रूप से कोई डेडलाइन नहीं दी है। हालांकि, श्रम मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2022 से इसे लागू करने की योजना चल रही है। इसके आने के बाद कई तरह के बड़े बदलाव होंगे। आइए जानते हैं यदि ये बदला तो क्या होगा।

इन कोड्स में क्या है शामिल —
सरकार की ओर से बनाए नए 4 कोड में इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड और कोड ऑन वेजेज को शामिल किया गया है। इसके अलावा लेबर कोड्स में कुछ नए कॉन्सेप्ट भी लाए गए हैं।

नोटिफिकेशन जारी होना है बाकी —
आपको बता दें इन जुड़ें नियमों में जो सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है वो है वेज कोड को लेकर। जिसके अनुसार वेज कोड की परिभाषा में विस्तार होने जा रहा है। जिसे लेकर राष्ट्रपति ने पहले ही सहमति जता दी है। बस इसका नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार है। हालांकि इसे 1 जुलाई से शुरू होना बताया जा रहा था।

नौकरी में आएगा ये बदलाव —
चार लेबर कोड आने के बाद अब जल्द ही कई नियमों में बदलाव होने वाला है। इन नियमों के बाद अब आपके नौकरी करने का तरीका भी बदलने वाला है। हालांकि इसमें कुछ फायदे होंगे तो कुछ नुकसान भी हैं। नए नियमों के हिसाब से ऑफ, छुट्टी लेने के तरीके, सैलरी, पीएफ को लेकर काफी कुछ बदलाव होने वाला है।

तीन दिन का मिलेगा वीक ऑफ –
अभी तक कई कंपनियां एक या दो दिन की छुट्टी देती हैं। लेकिन आने वाले समय में अब तीन दिन का वीक ऑफ मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। दरअसल, सरकार द्वारा नियमों में जो संशोधन कराया गया है उसमें सरकार द्वारा कंपनियों को ये छूट दी गई है कि वे छुट्टियों को एक दो दिन से बढ़ाकर तीन दिन तक कर सकें। जिससे एंप्लाईस को 3 दिन तक छुट्टी मिल सकती है।

ऐसे समझें काम करने के घंटों का गणित –
आपको बता दें सरकार की ओर से जो नया नियम तैयार किया गया है उसके हिसाब से वर्किंग आर के रूप में 48 घंटे का वक्त तय किया गया है। अगर आप सप्ताह में 6 दिन काम करते हैं तो आपको 8 घंटे काम करना होगा। तो वहीं अगर आप चार दिन काम करते हैं तो आपको 12 घंटे काम करके तीन दिन का वीकऑफ मिल जाएगा। यानि आपको एक्सट्रा काम न करके आपको हर दिन के हिसाब से ज्यादा काम करना होगा। इसके सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि आप अगर कभी तीन दिन की छुट्टि लेना चाहते हैं तो आप दिन में 12 घंटे काम करके अन्य दिनों के काम को एडजस्ट कर सकते हैं। इसका फायदा ये होगा कि आप दो दिन की जगह तीन दिन की छुट्टी ले सकते हैं। ऐसे में काम 48 घंटे तक काम कर सकते हैं। यानि आपको इतने समय से ज्यादा काम नहीं करना होगा। यानि अब कंपनियां कर्मचारियों से इससे ज्यादा समय का काम नहीं ले पाएंगी।

लंबी छुट्टी लेना होगा आसान –
बता दें कि पहले लंबी छुट्टी के लिए हर कर्मचारी को 240 दिन का इंतजार करना होता था। लेकिन अब इसे घटाकर 180 दिन कर दिया गया है। यानि कोई भी एंप्लाई 180 दिन यानि 6 महीने काम करने के बाद लंबी छुट्टी के लिए एप्लाई कर सकते हैं। आपको बता दें पहले इसकी समय सीमा 240 दिन की थी। लेकिन इसी के साथ कमाई वाली छुट्टी यानि अर्न्ड लीव के नियम में किसी भी तरह का कोई परिवर्तन नहीं किया है।

कम हो सकती है इन हैंड सैलरी –
सरकार द्वारा सैलरी स्ट्रक्टर को लेकर ये तय किया गया है कि सैलरी स्ट्रक्चर में बेसिक सैलरी का हिस्सा 50 प्रतिशत होना जरूरी है। जिस कारण लोगों की इन हैंड सैलरी कम हो जाएगी। वैसे तो कई कंपनियों ने यह नियम शुरू कर दिया है। साथ ही फायदा ये होगा कि अब बेसिक सैलरी के आधार पर पीएफ में बदलाव किया जा सकेगा। नए लेबर कोड के तहत किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ग्रॉस सैलरी का कम से कम 50 परसेंट जरूर होना चाहिए।

कर पाएंगे ज्यादा सेविंग —
इस बदले नियमों का एक फायदा ये भी होता है कि सैलरी स्ट्रक्चर में परिवर्तन होने से कर्मचारियों के ईपीएफ अकाउंट में अधिक पैसे जमा होंगे। साथ ही कर्मचारी के खाते से ग्रेच्युटी का पैसा भी अधिक कटेगा। इससे बचत भी अधिक होगी। इन हैंड सैलरी या हर महीने हाथ में आने वाली तनख्वाह भले ही कम हो जाए लेकिन ये भविष्य के हिसाब से काफी फायदेमंद साबित हो जाएगी।

ओवरटाइम का भी मिलेगा फायदा —
कर्मचारियों के हित में एक सबसे अच्छा फायदा ये भी होने वाला है। कि न्यू वेज कोड में 15 से 30 मिनट का किया गया एक्ट्रा टाइम भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रस्ताव है। फिलहाल जो नियम है उसमें 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम नहीं माना जाता। लेकिन इसे लेकर जल्द ही नियम बदलने वाले हैं।

एफएनएफ को लेकर बदला नियम –
नौकरी छोड़ने या हटाए जाने के बाद मिलने वाले फुल एंड फाइनल सेटलमेंट को लेकर भी बदलाव की जाने की तैयारी है। नए लेबर कोड में इसका नियम बदल दिया गया है। आपको बता दें अभी इसके लिए मैक्सिमम 45 दिन का समय लिया जाता है जिसके दौरान कंपनियां कर्मचारी को फुल एंड फाइनल सेटलमेंट देती हैं। लेकिन नया लेबर कोड 2019 लागू होने के बाद कंपनी को दो दिन के अंदर फाइनल सेटलमेंट देना होगा।

सैलरी आने की तारीख को लेकर भी नियम –
प्राप्त जानकारी के अनुसार रोजगार के टर्म के अनुसार के अनुसार ही कंपनी को कर्मचारी को एक निर्धारित तारीख तक सैलरी देनी होगी। इतना ही नहीं ये तारीख कंपनी और कर्मचारी के बीच टर्म में निर्धारित की जाएगी। नए लेबर कोड के अनुसार नई ज्वाइनिंग होने पर उसकी सैलरी अगले महीने के 7 तारीख तक सेटल हो जानी चाहिए। यानि इस कंडीशन में वेज का पीरियड एक महीने से ज्यादा नहीं हो सकता।

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